फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चारधाम यात्रा 2019: अक्षय तृतीया पर ही क्यों खुलते हैं यमुनोत्री धाम के कपाट, क्या है रहस्य

Tue, 07 May 2019 04:08 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 6
यमुनोत्री मंदिर के कपाट खुले
चारधामों में शामिल यमुनोत्री मंदिर के कपाट अक्षय तृतीया के पर्व पर आज आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया को ही क्यों खुलते हैं।
विज्ञापन

2 of 6
अक्षय यानी जो कभी क्षय (समाप्त) न हो। साल में एक दिन ऐसा होता है जिस दिन अगर कुछ भी काम किया जाए तो वह अशुभ नहीं होता है। वह है बैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि। इस दिन सारे काम सिद्घ होते हैं। 
विज्ञापन

3 of 6
मान्यताओं के अनुसार यमुनोत्री धाम का सीधा संबंध यमुना से है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यमुना सूर्य की पुत्री है। शनि और यम भी सूर्य के पुत्र हैं। 

4 of 6
किंदवंतियों के अनुसार हनुमान भी यमुना को अपनी बहन मानते थे। सदियों पहले यमुना जी ने तीनों भाइयों से एक साथ मिलने की इच्छा जताई। इस पर विचार कर तीनों भाई अक्षय तृतीय के दिन अपनी बहन यमुना से मिलने आए। वहीं वे गंगा से भी मिले।
विज्ञापन

5 of 6
इस पर तीनों प्रतापी भाइयों ने घर लौटते वक्त अपनी बहन को वरदान दिया कि तीर्थों में सबसे पहले यमुना की पूजा होगी। इस दिन जो भी यमुनोत्री धाम आकर दर्शन करेगा उसके सभी पाप नष्ट होंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
इसके बाद यम, शनि और हनुमान वापस चले गए और भाई दूज के दिन वापस आए। बहन से भेंट कर यमुना के भेंट स्वरूप कुछ मांगने पर तीनों भाइयों ने कहा कि अक्षय तृतीय के दिन से भाई दूज तक जो भी यमुनोत्री धाम से इलाहबाद तक किसी भी तट पर यमुना में स्नान करेगा, यम उसकी मृत्यु को टाल देगा। वहीं शनि भी उस व्यक्ति को साढ़े सती के प्रकोप से दूर रखेगा। हनुमान जी ने कहा कि यमुना के धाम आने पर उस व्यक्ति के मैं सारे कष्ट हर लूंगा। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें