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विंटरलाइन कार्निवाल में छाया हंसराज हंस का जादू, टोटे-टोटे पर जमकर थिरके लोग, तस्वीरें...

Sat, 30 Dec 2017 12:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मसूरी
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hans raj
मसूरी विंटरलाइन कार्निवाल के पांचवें दिन हंसराज हंस ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को खूब झुमाया। बॉलीवुड फिल्म बिच्छू में गाए गाने टोटे-टोटे की शानदार प्रस्तुति पर दर्शक थिरक उठे।
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uttarakhand
 कार्यक्रम में प्रसिद्ध सूफी गायक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हंसराज हंस और मास्टर शेफ संजीव कपूर को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।  हंसराज हंस ने दम दमा दम मस्त कलंदर, सिली-सिली हवा, नित खैर मांगा, दिल चोरी साडा हो गया आदि गीतों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
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trivendra
इसके बाद संवेदना समूह उत्तरकाशी के कलाकारों ने लोक गीत एवं लोक नृत्य पर आधारित प्रस्तुतियों से दर्शकों को खूब रोमांचित किया। इससे पूर्व सीएम ने विंटरलाइन कार्निवाल में बर्ड वाचिंग इन मसूरी माउंटेन क्वैल सैंचुरी, सांस्कृतिक संगीत एवं नृत्य कार्यक्रम, गोपाल भारद्वाज द्वारा मसूरी की 200 वर्ष पुराने चित्रमय इतिहास की प्रदर्शनी को खूब सराहा।

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trivendra
सीएम ने लंढौर मेला, चार दुकान, म्यूजियम शो केसिंग, हिमालयाज डिफरेन्ट आर्ट, आई.टी.बी.पी की ओर से जूडो कराटे, रॉक क्लाइम्बिंग, माल रोड पर उत्तराखंड पर्यटन बोर्ड की ओर से आयोजित फूड फेस्टिवल में मास्टर सेफ संजीव कपूर के साथ स्थानीय व्यंजनों का भी जायका लिया।
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sanjeev kapoor
इस मौके पर विधायक मसूरी गणेश जोशी, गढ़वाल आयुक्त दिलीप जावलकर, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, डीएम देहरादून एसए मुरूगेशन, उप जिलाधिकारी मीनाक्षी पटवाल, भाजपा नेता महावीर रांगड़, मसूरी भाजपा मंडल अध्यक्ष मोहन पेटवाल, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी के.एस रावत, होटल एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
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hans raj
मसूरी पहुंचे सूफी गायक हंसराज हंस ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि मसूरी आकर गाना और लोगों का दिल खुश करना बहुत बड़ी इबादत है। एक कलाकार की सबसे बड़ी हसरत यही है कि उसके चाहने वाले तालियों के साथ उसको सुने और मनोबल बढ़ाए। उन्होंने कहा कि मसूरी की वादियों में आकर उनको एक सुकून मिलता है। जो कि दुनिया के हर कोने में नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि सूफी गायकी का किसी मजहब से ताल्लुक नहीं है, यह हर मजहब में गाया जाता है। उन्होंने कहा कि आज के माहौल में सूफी बंदगी से शांति पायी जा सकती है।
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