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उत्तराखंड : एक जंगल बुझ रहा तो दूसरे में लग रही आग, अब विकराल हो गई वनाग्नि, तस्वीरें

Sun, 04 Apr 2021 10:43 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

जंगलों की आग दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। वन कर्मी एक जंगल की आग बुझा रहे हैं तो दूसरा जंगल धधक जा रहा है। हेक्टेयर के हेक्टेयर जंगल जल चुके हैं। 
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वन संपदा को काफी नुकसान - फोटो : अमर उजाला
जंगलों की आग दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। वन कर्मी एक जंगल की आग बुझा रहे हैं तो दूसरा जंगल धधक जा रहा है। हेक्टेयर के हेक्टेयर जंगल जल चुके हैं। पिथौरागढ़ में दोपहर करीब 1:36 बजे फायर स्टेशन सेना अस्पताल के पास झाड़ियों में आग लग गई। वहीं, नगर के भाटकोट में जल संस्थान की टंकी के चारों तरफ आग लग गई। कस्तूरी मृग विहार क्षेत्र के घनधूरा रेंज में कई दिनों से लगी भीषण आग के कारण जंगली जानवरों पर खतरा मंडरा गया है। डीडीहाट वन रेंज के पमस्यारी, लालघाटी, थल डीडीहाट वन क्षेत्र, नारायणनगर वन क्षेत्र में कई दिनों से आग लगी है। मूनाकोट, कनालीछीना विकासखंड के पनखोली, पलेटा, लछैर, मड़मानले, ध्वज, बड़ालू आदि स्थानों पर जंगल धधक रहे हैं। गंणाईगंगोली के ग्राम पंचायत लाखटोली में 19 लुट्टे जल गए। चंपावत के पास मानेश्वर में चीड़ के जंगल में शुक्रवार की रात अचानक आग लग गई। देखते ही देखते करीब एक हेक्टेयर क्षेत्र में आग भड़क गई। वन विभाग के प्रयासों से डेढ़ घंटे में आग पर काबू पा लिया गया। पाटी क्षेत्र के छिनकाछिना, जौलमेल, गर्सलेख के जंगलों में आग बेकाबू हो गई। शनिवार को जंगल की आग पाटी के रामलीला मैदान तक पहुंच गई।

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वन संपदा को काफी नुकसान - फोटो : अमर उजाला
वन विभाग और लोगों ने मिलजुल कर तुरंत आग पर काबू पाया। लोहाघाट में बाराकोट ब्लॉक के बैड़ाओड़ के सेरी कन्याना में जंगल की आग से एक मकान जलकर राख हो गया। ग्रामीणों की मदद से मकान के गोठ (निचले तल) में बंधे हुए 16 जानवरों को सुरक्षित बचा लिया गया।

 
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वन संपदा को काफी नुकसान - फोटो : अमर उजाला
बागेश्वर जिला मुख्यालय के नजदीक शनिवार को आरे और कांडा के सिमकुना के जंगलों में भीषण आग लग गई। जिले के जौलकांडे, धरमघर रेंज में भी जंगलों में आग लगी हुई है। बागेश्वर जिले में इस अग्निकाल में अब तक करीब 55 हेक्टेयर क्षेत्रफल में जंगल जल गए हैं। जंगल में आग लगने की करीब 40 घटनाएं हो चुकीं हैं।

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वन संपदा को काफी नुकसान - फोटो : अमर उजाला
अल्मोड़ा जिले में शुक्रवार की देर शाम जंगल में आग की चार और घटनाएं हुईं। शनिवार को विकासभवन के समीप भी जंगल धधक गए। दो दिनों में ही अल्मोड़ा क्षेत्र के अंतर्गत जंगलों में आग की नौ घटनाएं हो चुकीं हैं। शुक्रवार शाम सबसे पहले तुलड़ी के जंगल आग से घिर गए। तल्लातोली में भी जंगल में आग लग गई। वहीं, कलटानी के जंगल में आग की सूचना मिली। इधर, जलना के समीप जंगल भी आग की चपेट में आ गए। 
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वन संपदा को काफी नुकसान - फोटो : अमर उजाला
रामनगर में कोसी बैराज के समीप टेड़ा को जाने वाले रास्ते पर जंगल में भीषण आग लग गई। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग को काबू किया। नैनीताल में  शनिवार को भी रूसी बाई पास, देवीधुरा व सिलमोड़िया में अलग- अलग जगहों में जंगल सुबह से शाम तक जलते रहे। रूसी बाईपास में आग से लगभग एक हेक्टेयर जंगल जलकर राख हो गया है। नैनीताल में शनिवार को डीएसबी कॉलेज के निचले क्षेत्र के जंगल में भी आग लग गई।
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वन संपदा को काफी नुकसान - फोटो : अमर उजाला
इधर, भीमताल के जूनस्टेट के जंगल में भी आग लग गई। इससे वन संपदा को काफी नुकसान हुआ है। नौकुचियाताल क्षेत्र के जंगलों में भी आग लगने से वन संपदा को नुकसान हुआ है। रामगढ़ क्षेत्र के मेहरा गार्डन, जमरानी, दुत्कानेधार के जंगलों में रात तक आग लगी रही। धारी ब्लॉक के ग्राम अघरिया वन पंचायत मजेला के जंगल में दूसरे दिन शनिवार को भी आग से बांज और बुरांश के पेड़ जल गए। 
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