जंगलों की आग बेकाबू होती जा रही है। अलकनंदा घाटी के दोनों ओर जंगल जल रहे हैं। पेड़-पौधों के जलने से राख उड़कर घरों तक पहुंच रही है। शुक्रवार शाम से पौड़ी व टिहरी जिलों में जंगल की आग विकराल होती जा रही है। आग बस्तियों के समीप तक पहुंच गई है। टिहरी के डांगचौरा, झिंझनीसैंण, पाली, दुगड्डा व नांडी, चौरास और पौड़ी के श्रीकोट, देलचौरी, बेडूला, खोला, सेमला व सांपला सहित अन्य क्षेत्रों में वन संपदा जलकर राख हो गई है। देहरादून से श्रीनगर आ रही प्रीति थपलियाल ने बताया कि नरेंद्रनगर से श्रीकोट तक पूरे रास्ते भर जंगल आग में जलते दिखे। डांगचौरा क्षेत्र में रात के वक्त पूरा जंगल जलता रहा। यहां चंद्राभागा गाड़ के पास बस्तियों के समीप आग पहुंच गई। सांपला निवासी प्रमोद बमराड़ा ने बताया कि ग्रामीणों ने बंजर जमीन पर फलदार पौधों का रोपण किया था। तीन दिन पूर्व पानी डालकर आग किसी तरह बुझाई गई, लेकिन शुक्रवार रात सब जल गया। वन क्षेत्राधिकारी श्रीनगर शीशपाल सिंह ने बताया कि श्रीकोट व देलचौरी क्षेत्र में लगी आग पर काबू पा लिया गया है। आग से डेढ़ हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। माणिकनाथ रेंजर देवेंद्र पुंडीर ने बताया कि अब तक 10 हेक्टेयर वन क्षेत्र में आग से नुकसान हुआ है।