साथ ही सोनप्रयाग-गौरीकुंड पैदल मार्ग भी बरसात से अति संवेदनशील बना हुआ है, जिस कारण यात्रियों को केदारनाथ के लिए रवाना नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि तीन दिनों से यहां पर 150 से अधिक यात्री रुके हुए हैं, जिनके ठहरने का इंतजाम स्थानीय होटल, लॉज में किया गया है।