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उत्तराखंड की इस बेहद खूबसूरत झील में शुरू हुआ रोमांच का सफर, वाटर स्पोर्ट्स के शौकीन हैं तो चले आइए

Tue, 18 Sep 2018 07:02 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नई टिहरी
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tehri lake - फोटो : AmarUjala
अगर आपको भी वाटर स्पोर्ट्स का शौक है तो यहां चले आइए। भारत के दूसरे सबसे ऊंचे बांध की झील में आपको भरपूर रोमांच मिलेगा। ढाई माह इंतजार के बाद टिहरी झील में दोबारा से रोमांच का सफर शुरू हो गया है। सोमवार को झील किनारे कोटी कालोनी में विश्वकर्मा पूजा के साथ ही 56 व्यवसायिक बोटों का संचालन शुरू हो गया है। झील में रोमांच का सफर करने के लिए पहले दिन देहरादून, ऋषिकेश, मसूरी और अन्य स्थानों से 50 से अधिक पर्यटक पहुंचे थे। 
 
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tehri lake
विश्वकर्मा पूजा के बाद टिहरी विधायक धन सिंह नेगी, जाखणीधार की ब्लॉक प्रमुख बेबी असवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय नेगी ने हरी झंडी दिखाकर झील में व्यवसायिक बोटों का संचालन शुरू करवाया। विधायक ने कहा कि जल क्रीड़ा का प्रशिक्षण लेने के लिए युवाओं को गोवा न जाने पड़े इसके लिए सरकार कोटी कालोनी में कृत्रिम झील तैयार करने जा रही है। पर्यटकों को सुविधा देने के लिए झील के आसपास होटलों, लॉजों और आनेजाने के लिए रास्तों का विस्तार करने का काम चल रहा है। कोटी कालोनी झील किनारे नियमित रूप से गंगा आरती शुरू करवाई जाएगी। 
 
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tehri lake
बोट यूनियन के पदाधिकारियों की ओर से विधायक को पांच सूत्री मांग पत्र भी सौंपा गया। बोट लाइसेंस शुल्क 60 हजार से घटाकर 30 हजार करने, रास्तों का निर्माण करने, पेयजल स्टैंड पोस्ट लगाने, यात्री प्रतिक्षालय निर्माण करने की मांग की गई। इस मौके पर जिला पर्यटन अधिकारी एसएस यादव, बोट यूनियन के संरक्षक कुलदीप पंवार,अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह नेगी, लोकमान सिंह रावत,  विनोद रतूड़ी, गबर सिंह पंवार, प्रवीन रावत, राकेश बहुगुणा, वीरेंद्र नेगी, लखवीर चौहान, मनीष नेगी, उदय रावत आदि उपस्थित रहे। 

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tehri lake
10 दिसंबर 2014 को टिहरी झील में चार व्यवसायिक बोटों के साथ जल क्रीड़ा का शुभारंभ हुआ था। तब से हर वर्ष झील में बोटों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। वर्तमान समय में झील में 56 बोट, 8 जेटस्की, एक जेड अटैक और एक जेड बोट का संचालन हो रहा है। लगभग 200 लोगों का बोट संचालन और 50 व्यापारियों का झील से रोजगार चल रहा है। जल क्रीड़ा के लिए नीति तैयार न होने पर हाईकोर्ट के निर्देश पर बीते 23 जून से टिहरी झील विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण (टाडा) ने टिहरी झील में बोटों का संचालन बंद कर दिया था, जिससे झील क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां पूरी तरह से ठप पड़ गई थी। सोमवार को दोबारा से बोटों का संचालन शुरू होने से स्थानीय लोगों को पहले की तरह कारोबार चलने की उम्मीद जगी है।
 
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jet ski in tehri lake - फोटो : AmarUjala
टिहरी झील में वर्ष 2014 में जल कीड़ा शुरू होने पर हर साल पर्यटकों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन पर्यटकों को झील क्षेत्र के आसपास सुविधाएं मुहैया कराने के लिए शासन-प्रशासन के स्तर पर ठोस प्रयास नहीं हुए हैं। झील किनारे बोट प्वाइंट तक पहुंचने के लिए सबसे बड़ी समस्या रास्ते की आड़े आती है। क्योंकि झील का जलस्तर घटने और बढ़ने पर रास्तों में दल-दल की समस्या उत्पन्न हो जाती है। ऐसे में पर्यटकों को जोखिम उठाकर झील तक पहुुंचना पड़ता है। शौचालय की सुविधा नहीं है। स्थायी यात्री प्रतिक्षालय का निर्माण नहीं हुआ है। बावजूद इसके वर्ष 2014 में करीब पांच हजार, वर्ष 2015 में आठ हजार, वर्ष 2017 में 25 हजार और वर्ष 2018 में जून माह तक 35 हजार पर्यटक झील में रोमांच का सफर करने को पहुंचे हैं। जिला साहसिक अधिकारी सोबत सिंह राणा का कहना है कि झील के आसपास रास्तों का निर्माण इस वित्तीय वर्ष में किया जाना है।
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