फिल्म मांझी दि माउंटेन मैन में जिस तरह से दशरथ मांझी की पहल से गांव वाले मिलकर पहाड़ खुदाई करके सड़क बना देते हैं। भारत के इस गांव की कहानी इस फिल्म की कहानी से कम नहीं है।
विज्ञापन
2 of 6
सावड़ा गांव के लोगों के लिए बृहस्पतिवार को वो कारनामा कर दिखाया जो उन्होंने खुद भी कभी सपने में नहीं सोचा था। उनके लिए यह दिन ऐतिहासिक बन गया।
विज्ञापन
3 of 6
लंबे अरसे से एक उम्मीद का इंतजार कर रहे ग्रामीणों का इंतजार समाप्त हो गया। गांव तक सड़क पहुंची तो ग्रामीण खुशी से झूम उठे। गांव में पहली गाड़ी पहुंचने पर ग्रामीणों ने ढोल नगाड़ों के साथ जश्न मनाया।
4 of 6
महिलाओं ने पूजा-अर्चना की। अब ग्रामीणों को फसलों को मंडी तक पहुंचाने के लिए पैदल दूरी नहीं नापनी होगी। गांव भी जमाने के साथ विकास की दौड़ लगा सकेगा।
विज्ञापन
5 of 6
अब तक ग्रामीणों को मुख्य सड़क पहुंचने के लिए एक किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ती थी। ऐसे में जब विभागीय अधिकारियों से गुहार के बाद भी जब विभाग ने गांव तक सड़क पहुंचाने में कोई रुचि नहीं दिखाई तो ग्रामीणों ने खुद ही हाथों में बेलचा, फावड़ा, गैती उठा सड़क निर्माण की ठानी।
ग्रामीणों ने चंदा एकत्र किया और बीते मंगलवार से सड़क निर्माण के काम में जुट गए। करीब 600 मीटर तक पहाड़ी का सीना चीरने के बाद ग्रामीण बृहस्पतिवार को गांव तक सड़क पहुंचाने में कामयाब हो गए। गांव तक सड़क पहुंचने पर कई लोगों की आंख से खुशी के आंसू झलक उठे तो कई झूम उठे।