राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) मंगलवार से राजभवन में आयोजित होने वाली दो दिवसीय पुष्प प्रदर्शनी वसंतोत्सव 2022 का शुभारंभ करेंगे। इन दो दिनों में पुष्प उत्पादकों के लिए कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। सोमवार तक विभिन्न श्रेणियों की प्रतियोगिताओं के लिए 375 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है।
पुष्प प्रदर्शनी का उद्घाटन सुबह 10 बजे किया जाएगा। दोपहर 12 बजे से प्रदर्शनी आमजन के लिए खोली जाएगी। आमजन के लिए प्रदर्शनी दोनों दिन शाम छह बजे तक खुली रहेगी। पुष्प प्रदर्शनी के दूसरे दिन 9 मार्च को शाम 4 बजे पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह किया जाएगा। पुष्प प्रदर्शनी में सभी को कोविड-19 के दिशा निर्देशों का पालन करना होगा।
राजभवन में 8 और 9 मार्च को फूलों का संसार सजेगा। यहां आने वाले लोग जहां रंग बिरंगे फूलों का दीदार कर सकेंगे। वहीं बच्चों की पेंटिंग प्रतियोगिता, ताजे फूलों की रंगोगी एवं खाने योग्य फूलों की प्रतियोगिता सहित 12 मुख्य प्रतियोगिताएं होंगी। जिसमें कुल 51 उप श्रेणियां होंगी।
वसंतोत्सव के अवसर पर आयोजित की जाने वाली प्रतियोगिताओं में प्रदेश के पुष्प प्रेमी, पुष्प उत्पादक, पुष्प व्यवसाय से जुड़ी संस्थायें बड़ी संख्या में प्रतिभाग करते हैं। आम जनता एवं किसानों में पुष्प उत्पादन के प्रति अभिरुचि बढ़ाने के लिए इस वर्ष 12 मुख्य प्रतियोगिताओं की कुल 51 उप श्रेणी में प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।
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राजभवन
- फोटो : अमर उजाला
राजभवन में कट फ्लावर, पॉटेड प्लांट्स प्रबंधन, लूज फ्लावर प्रबंधन, पुष्प के अतिरिक्त पॉटेड प्लांटस, कैक्टस एवं सकुलेंट्स, हैंगिंग पॉटस, फूलों के गमले, ऑन द स्पॉट फोटोग्राफी, ताजे पुष्प दलों की रंगोली, खाने योग्य पुष्पों की प्रतियोगिता, लॉन, विद्यालयी एवं अन्य बच्चों के लिए पेंटिंग प्रतियोगिता (5 से 18 वर्ष आयु वर्ग) के छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित की जाएगी।
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प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। कुल 153 पुरस्कार निर्णायक मंडल के निर्णय के बाद 9 मार्च को विजेताओं को दिए जाएंगे।
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विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रदर्शित किए जाने वाले प्रदर्शनों के लिए तय स्थानों पर नियुक्त उद्यान विभाग के कर्मचारियों द्वारा प्रतिभागियों को सहायता प्रदान की जाएगी। इस दो दिवसीय आयोजन में राज्य के लगभग 30 विभागों द्वारा प्रतिभाग किया जाएगा।
वसंतोत्सव के पहले दिन आठ मार्च की शाम को एक घंटे सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। जिसमें स्थानीय भाषाओं के हरियाली से संबंधित गीत, पुराने हिंदी गीत एवं भजनों का कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा।