फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हादसा: सहस्त्रताल ट्रैक पर नौ ट्रैकर्स ने गंवा दी जान, द्रौपदी का डांडा हिमस्खलन के बाद दूसरा बड़ा हादसा

Wed, 05 Jun 2024 01:21 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी
विज्ञापन
1 of 5
सहस्त्रताल ट्रैक पर फंसा ट्रैकर्स का दल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उत्तरकाशी-टिहरी जनपद की सीमा पर करीब 14500 फीट की ऊंचाई पर स्थित सहस्त्रताल ट्रैक पर गए 22 सदस्यीय दल में से नौ ट्रैकर्स की मौत हो गई।  इसके अलावा 13 ट्रैकरों को सुरक्षित निकाला गया है। इनमें से 11 को एयरलिफ्ट किया गया। जबकि, दो को वन विभाग की टीम पैदल लेकर आ रही है। वर्ष 2022 में हुए निम के द्रौपदी का डांडा हिमस्खलन हादसे के बाद यह दूसरा बड़ा हादसा है।

चार अक्तूबर 2022 को निम के इतिहास में वह तारीख है जिसने निम प्रबंधन को कभी न भूलने वाला गम दिया। हादसे में निम के 34 प्रशिक्षुओं का दल द्रौपदी का डांडा-2 चोटी आरोहण के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आ गया था जिसमें कुल 27 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं दो लोग अब भी लापता चल रहे हैं।

इनमें उत्तराखंड से नौसेना में नाविक विनय पंवार व हिमाचल निवासी लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक वशिष्ट शामिल थे। हालांकि उस दौरान निम के साथ एसडीआरएफ की टीम ने दोनों लापता लोगों की खोजबीन के लिए माइनस 25 डिग्री तापमान में भी विशेष अभियान चलाया।
विज्ञापन

2 of 5
 सहस्त्रताल ट्रैक पर फंसा दल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अब एक और हादसे के खबर उत्तरकाशी-टिहरी जनपद की सीमा पर करीब 14500 फीट की ऊंचाई पर स्थित सहस्त्रताल ट्रैक से आई।
विज्ञापन

3 of 5
रेस्क्यू कर लाए गए ट्रैकर्स का स्वास्थ्य परीक्षण एवं प्राथमिक उपचार दिया गया। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कल मंगलवार को चार ट्रैकर की ठंड लगने से मौत हो गई। वहीं आज नौ ट्रैकर्स के शव बरामद हुए हैं।

4 of 5
रेस्क्यू - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
 29 मई को एक 22 सदस्यीय दल मल्ला-सिल्ला से कुश कुल्याण बुग्याल होते हुए सहस्त्रताल की ट्रैकिंग के लिए निकला था। दो जून को यह दल सहस्त्रताल के कोखली टॉप बेस कैंप पहुंचा।

ये भी पढ़ें...Uttarakhand Election 2024 Result: पांच कमल खिलाने में दिखी सीएम धामी की धमक, चुनाव के लिए संगठन की राह की आसान
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
रेस्क्यू - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तीन जून को वह सहस्त्रताल के लिए रवाना हुए। वहां अचानक मौसम खराब होने, घने कोहरे और बर्फबारी के बीच ट्रैकर फंस गतए। पूरी रात उन्हें ठंड में बितानी पड़ी। ट्रैकर्स में से किसी ने इसकी सूचना दल को ले जाने वाली गढ़वाल माउंटनेरिंग एवं ट्रैकिंग एजेंसी के मालिक को दी। बताया कि ठंड लगने से ट्रैकर की मौत हो गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें