धराली की तबाही के बाद सभी रास्ते बंद हो गए, लेकिन सेना और आईटीबीपी के जवान मोर्चा संभाले हुए हैं। 25 फीट ऊंचे मलबे में फंसे ग्रामीणों तक पहुंचने के लिए रास्ता बनाया जा रहा है। राहत अभियान में सेना की पूरी ताकत झोंक दी गई है।
बादल फटने के कहर के बाद जब हर तरफ मलबा, तबाही और चीखें थीं, तब सेना लोगों के लिए उम्मीद बनकर सामने आई। आईटीबीपी और आर्मी के जवानों ने अस्थाई पुल बनाने की कोशिश शुरू की है, ताकि गांव में फंसे 200 लोगों तक राहत पहुंचाई जा सके।
उत्तरकाशी की आपदा में सेना और राहत दल दिन-रात डटे हुए हैं। मलबे में दबी ज़िंदगियों को बचाने के लिए सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ जैसे दल पूरी ताकत से मैदान में हैं। हर पल की निगरानी आपदा कंट्रोल रूम से की जा रही है।