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उत्तराखंड: पहाड़ी इलाकों में रुकने का नाम नहीं ले रही बर्फबारी, अगले कुछ दिन ऐसा रहेगा मौसम

Mon, 28 Jan 2019 04:03 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड में बर्फबारी रुकने का नाम नहीं ले रही है। रविवार देर रात को भी यहां के पहाड़ी इलाकों में बर्फ पड़ी। जिससे राज्यभर में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पिछले कई दिनों से उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है। पिथौरागढ़ जिले के मुन्स्यारी में रविवार देर रात फिर बर्फबारी हुई। जिससे क्षेत्र में पड़ रही कड़ाके की ठंड में इजाफा हो गया है।
 
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मुनस्यारी मुख्य बाजार में लगभग 8 इंच बर्फ पड़ी है। वहीं 21 जनवरी से थल-मुनस्यारी मोटर मार्ग बंद पड़ा है। लगातार बर्फबारी होने के कारण मार्ग खोलने का कार्य में बाधा आ रही है। इतना ही नहीं यहां 22 जनवरी से बिजली सप्लाई भी बाधित है।  यहां अत्यधिक बर्फबारी के कारण लोगों का घर से निकलना दूभर हो रखा है। हालांकि सोमवार की सुबह मुनस्यारी में मौसम साफ रहा। लगातार हो रही बर्फबारी से यहां के मुख्य बाजार की ज्यादातर दुकानों में सब्जियों का टोटा है।
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वहीं रुद्रप्रयाग में सुबह से घना कोहरा छाया रहा। यमुनोत्रीधाम सहित पूरी यमुनाघाटी में मध्य रात्री से मौसम साफ रहा। जिस कारण सोमवार को पाला गिरने से क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। साथ ही यहां चटक धूप खिली है। नई टिहरी और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से चटख धूप खिली है।

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पहाड़ों पर बर्फबारी की वजह से मैदानों में ठिठुरन बढ़ गई है। आगामी कई दिनों तक प्रदेश के मैदानी इलाकों में कोहरा, पाला और ठंड का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने अनुमान जताया कि आने वाले कई दिनों तक ठिठुरन बढ़ेगी। तापमान में और गिरावट आ सकती है। 
 
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पश्चिमी विक्षोभ के कारण अभी ठंड से निजात नहीं मिलेगी। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण 30 जनवरी से मौसम में बदलाव आएगा। 31 जनवरी और एक फरवरी को बारिश और हिमपात की संभावना है।  उधर, हंसलिंग, राजरंभा, पंचाचूली, नंदादेवी, छिपलाकेदार की चोटियों पर लगातार हिमपात जारी है। नगर और आसपास के क्षेत्रों में कुछ देर तक बर्फ के फाहे गिरे। बाद में हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई।
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भारी हिमपात से बंद थल-मुनस्यारी मार्ग अभी तक सुचारु नहीं हो पाया है। लोनिवि की टीम सड़क पर जमा बर्फ को हटाने में जुटी हुई है। रातापानी से मुनस्यारी के बीच 20 किमी तक बर्फ हटाकर सड़क खोल दी है। यदि मौसम ने साथ दिया तो सोमवार से इस मार्ग पर यातायात सुचारु होने की उम्मीद है। क्षेत्र में हुई बर्फबारी के चलते सीमांत के 12 गांवों में छह दिन से बिजली गुल है। वहीं बागेश्वर जिले के मल्ला और विचल्ला दानपुर के कई गांवों की बिजली गुल है। दो दिन पहले हुई बर्फबारी से बंद  कर्मी-विनायक, रिखाड़ी-बाछम-बदियाकोट और शामा-लीती-गोगिना सड़कें रविवार को भी नहीं खुल सकीं।
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केदारनाथ में रविवार को दिनभर रुक-रुककर हल्की बर्फबारी होती रही। यहां नौ फीट से अधिक बर्फ जम चुकी है।  खराब मौसम के कारण 32 लोग केदारनाथ से वापस आ गए हैं, जबकि 25 लोग अब भी धाम में हैं। धाम में छह दिन से बिजली और संचार सेवा ठप पड़ी है। रविवार को सुबह से खराब मौसम और अत्यधिक ठंड के कारण केदारनाथ में आदिगुरु शंकराचार्य की समाधि का पुनर्निर्माण कार्य कर रही कार्यदायी संस्था वुड स्टोन कंपनी के 28 मजदूरों के साथ ऊर्जा निगम और गढ़वाल मंडल विकास निगम के 2-2 कर्मचारियों सहित कुल 32 लोग बर्फ से लकदक 17 किमी लंबे पैदल मार्ग से सकुशल गौरीकुंड पहुंच गए हैं।

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कार्यदायी संस्था के टीम प्रभारी कैप्टन सोबन सिंह बिष्ट सहित 25 लोग अब भी धाम में मौजूद हैं। कैप्टन बिष्ट ने बताया कि बीते छह दिन से केदारपुरी में बिजली और संचार सेवा पूरी तरह से ठप है। डीएसपीटी के माध्यम से प्रशासन से बातचीत हो पा रही है। इन अव्यवस्थाओं के कारण पुनर्निर्माण कार्यों में खासी दिक्कतें आ रही हैं। धाम में अधिकतम तापमान 4.8 और न्यूनतम मानइस 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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बिष्ट के अनुसार केदारनाथ-गौरीकुंड पैदल मार्ग पर दो से छह फीट तक बर्फ मौजूद है। रुद्रा प्वाइंट से लिनचोली के बीच आवाजाही अति संवेदनशील बनी हुई है। पूरे पैदल मार्ग पर ऊर्जा निगम की विद्युत लाइन को भारी क्षति पहुंची हैं। यहां विद्युत लाइन जगह-जगह पर क्षतिग्रस्त पड़ी हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी हरीश चंद्र शर्मा ने बताया कि केदारनाथ से पैदल मार्ग से लौटे मजदूरों को लाने के लिए उनके नेतृत्व में पांच सदस्यीय दल सुबह 10 बजे गौरीकुंड से केदारनाथ के लिए रवाना हुआ था, लेकिन धाम से 32 लोगों के वापस आने पर वे भी गौरीकुंड लौट आए हैं।  
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