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उत्तराखंड में दरकते पहाड़: मानसून आते ही थम गई रफ्तार, अब तक 1500 से अधिक सड़कें हुईं बंद, सात पुल क्षतिग्रस्त

Wed, 12 Jul 2023 04:34 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
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बदरीनाथ हाईवे हुआ क्षतिग्रस्त - फोटो : अमर उजाला
इस साल मानसून ने उत्तराखंड में धमाकेदार एंट्री की है। एक जुलाई से अब तक प्रदेश में सामान्य से सात प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। इसका सीधा असर सड़कों पर भी पड़ा है। भारी बारिश के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और दूसरे अन्य कारणों से अब तक 1500 से अधिक सड़कें बंद हो चुकी हैं, जबकि पिछले वर्ष जुलाई के अंत तक यह आंकड़ा मात्र 1400 पहुंचा था।

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पिछले वर्ष प्रदेश में 15 जून को मानसून सक्रिय हो गया था, जबकि इस बार 25 जून के बाद इसने रफ्तार पकड़ी। हालांकि, इससे करीब चार-पांच दिन पहले से प्री मानसून की बारिश हो चुकी थी। प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में मानसून की बारिश हमेशा आफत लेकर आती है। सबसे अधिक कहर सड़कों पर बरसता है। बारिश में स्लिप आने और क्रॉनिक लैंडस्लाइड जोन (अति संवेदनशील) सड़कों के बंद होने का बड़ा कारण बनते हैं।
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नदी उफान पर - फोटो : अमर उजाला
पहले से चिह्नित भूस्खलन क्षेत्रों के अलावा हर साल नए क्रॉनिक जोन विकसित हो रहे हैं, जो सरकार के लिए बड़ी चिंता का विषय हैं। लोनिवि की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक कुल 1,508 सड़कें बंद हो चुकी हैं। इनमें 1,120 सड़कें लोनिवि, सात एनएच और 381 पीएमजीएसवाई की हैं। इनमें से अब तक 1,235 सड़कों को खोला जा चुका है, जबकि 273 अब भी बंद हैं। इन सड़कों को चालू हालत में लाने के लिए 1,776.24 लाख रुपये खर्च होंगे, जबकि पूर्व की हालत में लाने के लिए 3,560.66 लाख रुपये की जरूरत पड़ेगी। यह आकलन लोनिवि की ओर से अपनी रिपोर्ट में किया गया है।
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जोशीमठ मलारी हाईवे पर जुम्मा में पुल बहा - फोटो : अमर उजाला
सात पुल भी हुए हैं क्षतिग्रस्त
प्रदेश में भारी बारिश के बाद उपजे हालात के कारण सात पुलों को भी नुकसान पहुंचा है। इनको चालू करने के लिए 14 लाख रुपये खर्च होंगे, जबकि पूर्व की हालत में लाने के लिए कुल 337.50 लाख रुपये खर्च होंगे।

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हाथी पर्वत से बदरीनाथ हाईवे पर गिरा मलबा - फोटो : अमर उजाला
पुलों और सड़कों पर खर्च होंगे करोड़ों रुपये
अब तक क्षतिग्रस्त हुई सड़कों और पुलों को पूर्व की स्थिति में लाने के लिए सरकार को करोड़ों रखर्च करने पड़ेंगे। सड़कों और पुलों को चालू हालत में लाने के लिए 1790.24 लाख रुपये खर्च होंगे, जबकि पूर्व की हालत में लाने के लिए 3898.15 लाख रुपये की जरूरत पड़ेगी। यह आकलन लोनिवि की ओर से अपनी रिपोर्ट में किया गया है।
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हाथी पर्वत से बदरीनाथ हाईवे पर गिरा मलबा - फोटो : अमर उजाला
पिछले कुछ दिनों में हुई लगातार बारिश से सड़कों के बंद होने का सिलसिला बढ़ा है। हालांकि, जिस तेजी से सड़कें अवरुद्ध हुई हैं, उसी तेजी के साथ उन्हें खोलने की कार्रवाई भी की जा रही है। चिह्नित स्थानों पर मानव संसाधन के साथ ही जीपीएस से लैस मशीनों को भी लगाया गया है। शासन स्तर पर प्रत्येक सड़क की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
- डॉ. पंकज गुप्ता, सचिव लोनिवि
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