उत्तराखंड में बारिश ने तबाही मचाई हुई है। आंखों के सामने लोगों के घर तबाह हो रहे हैं। मेहनत की कमाई मलबे के ढेर में समा गई है। कहर बनकर बरस रही बारिश ने छह लोगों की जान ले ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए।
रुद्रप्रयाग जिले के गौरीकुंड (गौरी गांव) में भारी भूस्खलन होने से तीन बच्चे मलबे में दब गए। दो बच्चों की मौत हो गई। जबकि एक बच्चे का उपचार चल रहा है। उधर भारी बारिश के चलते कोटद्वार के चूना महेड़ा गांव में कई घरों के मलबे में दबने की सूचना है। यहां एक की मौत की खबर सामने आई है।
यमुनोत्री हाईवे ओजरी डाबरकोट स्लाइड्स जोन के पास से गुजर रहे एक यात्री वाहन पर अचानक भारी मलबा बोल्डर गिर गया। चट्टानी बोल्डर गाड़ी की खिड़की तोड़कर अंदर घुस गया, जिससे एक यात्री की मौत हो गई, जबकि कई घायल हो गए।
पेड़ गिरने से बाइक सवार डिलीवरी बॉय की मौत
पिथौरागढ़, नैनीताल और रुद्रपुर में भी भारी बारिश के चलते हुए हादसे में तीन लोगों की मौत हुई है। नैनीताल के समीप मंगोली क्षेत्र में एक व्यक्ति की बारिश के दौरान तेज बहाव के चलते नाले में बहने से मौत हो गई। इसके अलावा नैनीताल के समीप रूसी में 96 करोड़ से बन रहा सीवर ट्रीटमेंट प्लांट भी भूस्खलन की चपेट में आ गया, जिससे यहां लाखों का सामान मलबे में दब गया।
वहीं नैनीताल के समीप मंगोली क्षेत्र में एक व्यक्ति की बारिश के दौरान तेज बहाव के चलते नाले में बहने से जान चली गई। उधर रुद्रपुर के दिनेशपुर में बीती रात बारिश के दौरान एक पेड़ गिरने से बाइक सवार डिलीवरी बॉय की मौत हो गई।
मुनस्यारी के धापा- मिलम मोटर मार्ग पर सड़क खोलने में जुटी बीआरओ की जेसीबी पर बोल्डर गिरने से चालक थंपी पी वी ( 57) पुत्र वासुदेवन निवासी ग्राम चेट्टीकुलगड़ा जिला अल्लपी केरला खाई में गिर गया। बीआरओ की एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुनस्यारी लाया गया। जहां पर चिकित्सकों उन्हें ने मृत घोषित कर दिया।