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पिथौरागढ़ में आपदा: काल बनकर बरसी बारिश, जिंदा दफन हुए पांच लोग, तस्वीरें बयां कर रहीं तबाही का मंजर...

Mon, 20 Jul 2020 09:36 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़/मुनस्यारी
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- फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से 93 किलोमीटर दूर बंगापानी तहसील के टांगा और गैला गांव में रविवार देर रात हुई अतिवृष्टि ने भारी तबाही मचाई। पहाड़ी से पानी के उफान के साथ हुए भूस्खलन के कारण कई घर जमींदोज हो गए। गैला गांव में दंपती, बेटी की मौत हो गई। पांच लोग घायल हैं। टांगा मुनियाल गांव में 11 लोग लापता थे, जिसमें से दो के शव मलबे में दिखे हैं। 
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- फोटो : अमर उजाला
यहां भी तीन मकान ध्वस्त हुए हैं। टांगा के ऊपर पहाड़ी पर 100 से अधिक दरारें पड़ी हैं। पूरे गांव का वजूद संकट में आ गया है। राहत और बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ, पुलिस, राजस्व और आपदा प्रबंधन की टीम सोमवार को मौके पर पहुंच गई। गैला में तीनों शवों को मलबे से निकाल लिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार यह तबाही बादल फटने से हुई है, जबकि एडीएम आरडी पालीवाल के अनुसार बादल नहीं फटा बल्कि अतिवृष्टि के कारण जन-धन का नुकसान हुआ है।
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- फोटो : अमर उजाला
टांगा गांव बंगापानी से सात किलोमीटर और गैला गांव 12 किलोमीटर दूर है। रविवार को रात 12 बजे के बाद इलाके में जबर्दस्त बारिश हुई। ऊपर पहाड़ी से गरज के साथ पानी इकट्ठा होकर नीचे गांव की ओर आ गया। इससे कमजोर पहाड़ी से भूस्खलन शुरू हो गया। पानी के साथ आया मलबा रास्ते में पड़ने वाले घरों को जमींदोज करता हुआ खेतों में पट गया। 

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- फोटो : अमर उजाला
घनघोर बारिश और घुप अंधेरे में लोग अपना बचाव भी नहीं कर सके। इन गांवों के रास्तों का नामोनिशान मिट गया है। पहाड़ियां लगातार दरक रही हैं। विधायक हरीश धामी ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वे खुद और प्रशासन की टीम लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का काम कर रहे हैं। 
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- फोटो : अमर उजाला
टांगा गांव निवासी हरीश के अनुसार, रात आठ बजे से बारिश शुरू हो गई थी। रात करीब 12 बजे तेज आवाज के साथ पहाड़ी से मलबा गिरना शुरू हो गया। तीन मकान मलबे की चपेट में आ गए। तेज आवाज सुनकर लोग घरों से निकले और मलबे की चपेट में आए मकानों की और बढ़े लेकिन फिर से भूस्खलन शुरू हो जाने के कारण आगे नहीं बढ़ सके। इन तीन मकानों में तीन परिवारों के 12 लोग थे। इनमें से 11 लोगों में से दो के शव सोमवार शाम को मलबे में दिखाई दिए हैं। 
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- फोटो : अमर उजाला
अन्य का कोई पता नहीं चल सका है। एक घायल को पिथौरागढ़ जिला अस्पताल भेजा गया है। गांव में फसल से लहलहाते खेत मलबे से पट गए हैं। पूरा गांव ही जैसे रोखड़ में तब्दील हो गया है। इस गांव में 32 परिवारों के करीब 250 लोग रहते हैं।  गैला गांव में एक ही परिवार के शेर सिंह (50) पुत्र रतन सिंह, गोविंदी देवी (45) पत्नी शेर सिंह, ममता (24) पुत्री शेर सिंह की मौत हो गई। हादसे में पांच लोग आंशिक रूप घायल हो गए, जिनका उपचार किया जा रहा है। जिन दो के शव दिखे हैं उनकी अभी शिनाख्त नहीं हो पाई है।
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- फोटो : अमर उजाला
मदकोट के बाता गांव में मूसलाधार बारिश के कारण दो मकान ध्वस्त हो गए। दोनों परिवारों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है।  भारी बारिश के कारण सिरतोला के तीन मकानों में मलबा घुस गया। जिसमें सभी लोग सुरक्षित हैं। मौके पर राहत टीम राहत कार्य चला रही है। 

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- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान जीत राम पुत्र हुड़किया राम, पार्वती देवी पत्नी जीत राम, रोशन कुमार पुत्र जीत राम, माधो सिंह पुत्र चंद्र सिंह, तुलसी देवी पत्नी माधो सिंह, गणेश सिंह पुत्र माधो सिंह, हीरा देवी पत्नी गणेश सिंह, दिव्यांशु पुत्र गणेश सिंह ,कुमारी लक्की पुत्री गणेश सिंह, पुष्पा देवी पत्नी भीम सिंह, प्रतिमा देवी लापता हैं। एक व्यक्ति नंदन सिंह घायल हो गए हैं। 
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- फोटो : अमर उजाला
मुनस्यारी, धारचूला में डरावनी आवाज के साथ हुई बारिश के चलते लोगों की पूरी रात खौफ में कटी। टांगा गांव के गोविंद सिंह और धरम सिंह का कहना है कि भारी बारिश के कारण रात भर ग्रामीण दहशतजदा रहे। गांव में जगह- जगह भूस्खलन और बिजली कड़कने की आवाजों से पूरा गांव दहशत में रहा और ऊपर वाले को याद करते हुए रात किसी तरह जागकर काटी। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित करने की गुहार लगाई है। 
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