उत्तराखंड में मंगलवार को बर्फबारी से ऊंचाई वाले इलाके बर्फ की सफेद चादर में लिपट गए। केदारनाथ धाम में तीन फीट तक नई बर्फ जम गई है। वहीं, बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी समेत ऊंचाई वाले इलाके भी बर्फ से लकदक हो गए हैं।
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केदारनाथ में बर्फ जमने से यहां पुनर्निर्माण कार्यों पर ब्रेक लग गया है। पुनर्निर्माण कार्य करने वाली संस्थाओं के सभी कर्मचारी व मजदूर वापस गौरीकुंड व सोनप्रयाग आ गए हैं। यहां सिर्फ पुलिस के जवान व कुछ साधु रह रहे हैं।
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सोमवार तड़के से रात दस बजे तक हुई तेज बर्फबारी से केदारनाथ में तीन फीट बर्फ जम चुकी है। यहां सभी पुनर्निर्माण कार्य स्थल बर्फ से ढक चुके हैं। कैप्टन बिष्ट ने बताया कि केदारनाथ में शीतलहर का प्रकोप तेज होने से यहां रहना मुश्किल हो गया है। मंगलवार सुबह पांच बजे केदारनाथ में तापमान माइनस 12 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि दोपहर 12 बजे 4 डिग्री सेल्सियस रहा।
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इधर, डीडीएमए के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि केदारनाथ में उनके चार मजदूर हैं, जो दो-तीन दिनों में सामान को स्टोर में रखने के बाद लौट आएंगे। वहीं, पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि कपाट बंद होने के बाद से चार सदस्यीय पुलिस धाम में मौजूद है।
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यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम समेत ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने से कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। हालांकि जिला मुख्यालय सहित निचली घाटियों में हल्की धूप के साथ बादल छाए रहे।
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उत्तरकाशी में मंगलवार को हल्की धूप के साथ मौसम खुल गया था लेकिन दोपहर दो बजे के बाद यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम में फिर बर्फबारी शुरू हो गई। दोनों धामों में आधा फीट से अधिक बर्फ गिरी। मुखबा स्थित गंगा मंदिर के पुजारी सुधांशु सेमवाल ने बताया कि हर्षिल वैली में रिमझिम बारिश और पहाड़ियों पर हिमपात से कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
बदरीनाथ क्षेत्र और गोपेश्वर, जोशीमठ, घाट, नंदप्रयाग, पीपलकोटी, पोखरी क्षेत्रों में सुबह और शाम को शीतलहर चल रही है। इससे लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए हैं।