फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बारिश का कहर: उत्तराखंड में लाइफ लाइन पर लगा ब्रेक...आपदा से अब तक 18 की मौत, 1700 से ज्यादा रास्ते हुए बंद

Thu, 13 Jul 2023 12:34 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला, न्यूज डेस्क, देहरादून
विज्ञापन
1 of 5
उत्तराखंड में बारिश का कहर - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड में पिछले चार-पांच दिनों से बरस रहे बादलों ने प्रदेश की लाइफ लाइन पर ब्रेक लगा दिया है। वहीं, लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्र आपदाग्रस्त हैं। इस दौरान आपदा में विभिन्न कारणों से 18 लोगाें की मौत हो चुकी है, जबकि 18 लोग घायल हुए हैं। वहीं, इन मानसून सीजन में अब तक 17 से ज्यादा सड़कें बंद हो चुकी हैं, इनमें से 1253 सड़कों को खोला जा चुका है। इसके अलावा आठ पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। पुलों और सड़कों को पूर्ववत स्थिति में लाने के लिए लोनिवि की ओर से अब तक 5642.24 लाख रुपये खर्च होने का आकलन किया गया है।
 
आपदा प्रबंधन विभाग के राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, बुधवार को विभिन्न वजहों से कुल आठ लोगों की मौत और 14 लोग घायल हुए हैं। गुरुवार को केदारनाथ मार्ग पर एक युवती की मौत हो गई। जबकि 15 जून से अब तक कुल 18 लोग मौत का ग्रास बन चुके हैं, 18 लोग घायल हुए हैं।

Uttarakhand Weather: भारी बारिश से कोटद्वार में तबाही, मालन पुल टूटा, भाबर के कई गांव से संपर्क कटा

देहरादून जिले में तीन की मौत, तीन घायल हुए हैं। जबकि उत्तरकाशी में चार की मौत, 10 घायल, रुद्रप्रयाग में एक की मौत और पौड़ी में एक व्यक्ति घायल हुआ है। इसी तरह से अब तक 17 बड़े पशुओं और 289 छोटे पशुओं की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 76 घरों को आंशिक, 16 को भारी क्षति और 14 घर पूरी तरह से ध्वस्त हुए हैं।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
गंगोत्री हाईवे पर हादसा - फोटो : अमर उजाला
वहीं, फिलहाल प्रदेश में 449 सड़कें बंद हैं। इस मानसून सीजन में सड़कों के बंद होने की यह पहली बड़ी संख्या है। इससे पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा पर निकले लोग और तीर्थयात्री जगह-जगह फंसे हुए हैं। ग्रामीण सड़कों का बुरा हाल है। सैकड़ों गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से कट गया है। इधर, सरकार ने लोगों से भारी बारिश में पहाड़ों की यात्रा नहीं करने की सलाह दी है।
विज्ञापन

3 of 5
बदरीनाथ हाईवे पर भू्स्खलन - फोटो : अमर उजाला
भारी बारिश के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और बरसाती गदेरों के ऊफान पर आने से लगातार सड़कें लगातार बंद हो रही हैं। बीते 24 घंटे में कुल 243 सड़कें बंद हुई हैं, जबकि 315 सड़कें एक दिन पहले से बंद थीं। कुल 558 बंद सड़कों में से बुधवार को मात्र 109 सड़कों को ही खोला जा सका। बुधवार देर शाम समाचार लिखे जाने तक 449 सड़कें बंद थीं।

4 of 5
खोह नदी - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग 58 कौडियाला के पास बीती रात को भूस्खलन के कारण बंद हो गया था। जिससे चारधाम यात्रा भी प्रभावित हुई। इसके अलावा टिहरी-घनसाली-तिलवाड़ा मोटर मार्ग, मयाली-गुप्तकाशी मोटर मार्ग, लबंगांव- कोटालगांव- घनसाली- तिलवाड़ा, बांसबाड़ा- मोहनखाल मोटर मार्ग, घट्टूगाड़- रिखणीखाल- बीरोंखाल मोटर मार्ग, सिलक्यारा- वनगांव- सरोट मोटर मार्ग, मीनस अटाल, सहिया-क्वानू, चकराता- लाखामंडल, दारागाड़- कथियान सहित कुल 33 राज्य मार्ग बंद हैं। एक दिन पहले इनकी संख्या 26 थी। इससे यात्री जगह-जगह फंसे हुए बताए जा रहे हैं। कई लोग वैकल्पिक मार्गों के जरिए अपने गंतव्य तक पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
पुल बहा - फोटो : अमर उजाला
प्रमुख अभियंता लोनिवि दीपक यादव ने बताया कि 449 सड़कें बंद थीं, जिन्हें खोलने के लिए मौके पर जेसीबी, पोकलेन, चेन डोजर आदि मशीनों को लगाया गया है। बंद सड़कों में एक नेशनल हाईवे, 33 स्टेट हाईवे, 15 मुख्य जिला मार्ग, 11 जिला मार्ग, 197 ग्रामीण सड़कें और 192 पीएमजीएसवाई की सड़कें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को सड़कों को खोलने के काम में 343 जेसीबी मशीनों को लगाया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें