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तीरथ राज के 30 दिन पूरे: मुख्यमंत्री के फैसलों और बयानों से लगातार जारी है सियासी हंगामा

Sat, 10 Apr 2021 02:00 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

नौकरशाही की मनमानी के चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की पहली बैठक में साफ कर दिया कि वे नियमों की किताबें नहीं पढ़ेंगे बल्कि जनता के चेहरों के देखकर फैसले करेंगे।
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मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शनिवार को अपने कार्यकाल के 30 दिन पूरे कर लिए हैं। इस दौरान एक के बाद एक विवादित बयान, उनके कोरोना संक्रमित होने, लंबे एकांतवास में सक्रिय रहते हुए कामकाज करने से लेकर त्रिवेंद्र राज के फैसलों को पलटने का सिलसिला थमा नहीं है। हालांकि विपक्षी विधायकों की सुध लेने का निर्णय लेकर मुख्यमंत्री चुनावी साल में उनका भी दिल जीतने की कोशिश कर रहे हैं। अमर उजाला ने 30 दिन के कार्यकाल पर कुछ यूं रोशनी डाली...

जनमुखी छवि बनाने की कोशिश

नौकरशाही की मनमानी की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की पहली बैठक में साफ कर दिया कि वे नियमों की किताबें नहीं पढ़ेंगे, बल्कि जनता के चेहरों के देखकर फैसले करेंगे। ऐसा कहकर उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि उन्हें आम जनता की फिक्र है। चुनावी साल के दबाव में मुख्यमंत्री का लगातार इसी बात पर जोर है।

नाराज साधु संतों को संतुष्ट करने पर जोर

मुख्यमंत्री बनने के बाद तीरथ सिंह रावत ने कुंभ मेले को लेकर नाराज साधु संतों को मनाने के अभियान पर हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद से वह कई बार हरिद्वार का दौरा कर चुके हैं। हर दौरे में वह संत समाज के कहने के अनुरूप फैसले कर रहे हैं।
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मुख्यमंत्री ने किया गंगा पूजन - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
हाल ही में उन्होंने 2010 की तर्ज पर अखाड़ों को कुंभ मेला क्षेत्र में भूमि आवंटित करने के निर्देश दिए। हालांकि कुंभ स्नान के लिए लोगों को बेरोक-टोक आने देने के बयान के बाद उन्होंने सुधार किया कि सबको कोविड गाइडलाइन का पालन करना होगा।
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मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत - फोटो : एएनआई फाइल फोटो
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की चर्चा त्रिवेंद्र राज के फैसलों को पलटने के लिए भी हो रही है। सत्ता की कमान संभालते ही उन्होंने गैरसैंण मंडल का फैसला स्थगित करने और देवस्थानम बोर्ड के फैसले पर विचार करने की घोषणा की। कोटद्वार में मेडिकल कॉलेज पर त्रिवेंद्र सरकार ने रोक लगाई तो तीरथ रावत ने इसके लिए बजट जारी कर दिया।

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तीरथ सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
कर्मकार कल्याण बोर्ड में त्रिवेंद्र सरकार ने नया अध्यक्ष व सचिव बैठाया तो तीरथ ने सचिव को बदल दिया। त्रिवेंद्र सरकार में कद्दावर अधिकारियों की भी विदाई कर दी। शुक्रवार को देवस्थानम बोर्ड से 51 मंदिरों को बाहर रखने की घोषणा की। त्रिवेंद्र राज के सभी दायित्वधारियों को भी एक झटके में बाहर का रास्ता दिखा दिया। 
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तीरथ सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
जनमुखी छवि बनाने की कोशिश की बीच मुख्यमंत्री अपने बयानों को लेकर विवादित रहे। सोशल मीडिया पर उनके बयान खूब ट्रोल हुए। फटी जींस को लेकर वे विपक्ष की आलोचनाओं के निशाने पर आ गए। कोविडकाल में अधिक बच्चों वालों को ज्यादा राशन और देश में अमेरिकी साम्राज्य को लेकर दिए गए बयान को लेकर भी वह विरोधियों के निशाने पर रहे। इसके बाद हरिद्वार में एक कार्यक्रम में उनका बनारस में कुंभ को लेकर दिया गया बयान भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ।
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