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उत्तराखंड: फिर बढ़ी वनाग्नि की घटनाएं, एक ही दिन में जल गया 160 हेक्टेयर जंगल, तस्वीरें...

Mon, 12 Apr 2021 10:52 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड के जंगलों में आग - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के जंगल में आग लगने का सिलसिला अप्रैल में मौसम के बदलाव के बावजूद लगातार जारी है। सोमवार को पूरे प्रदेश में आग लगने की करीब 100 घटनाएं सामने आईं और 160 हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुआ।

वन विभाग के बुलेटिन के मुताबिक सोमवार को गढ़वाल मंडल में कुमाऊं मंडल की अपेक्षा आग की तीन गुना घटनाएं सामने आईं। पूरे प्रदेश में एक ही दिन में करीब 160 हेक्टेयर जंगल आग से प्रभावित हुआ। आरक्षित वन क्षेत्र में एक बार फिर सिविल और वन पंचायत के जंगलों के तुलना में आग ज्यादा मामले सामने आए। आग से पिछले 12 दिनों में 1100 हेक्टेयर से ज्यादा जंगल प्रभावित हो चुका है।

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गंगोलीहाट में आग की चपेट में आकर राजकीय इंटर कॉलेज का निर्माणाधीन भवन जल गया। बागेश्वर के कपकोट में फलों के बाग आग की भेंट चढ़ गए। पिथौरागढ़ के गणाईगंगोली के गौरादेवी बीट में जंगलों में सोमवार को भीषण आग लग गई, जिससे वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा।

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अस्कोट के खोलिया गांव में जंगल 18 घंटे से सुलग रहे हैं। धुएं के कारण पूरे क्षेत्र में दृश्यता बेहद कम हो गई है। इधर, गंगोलीहाट में जंगल की आग से राइंका तामानौली का निर्माणाधीन भवन जल गया। पांच कमरों में रखा फर्नीचर और अन्य सामान जल गया।
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उत्तराखंड के जंगलों में आग - फोटो : अमर उजाला
अल्मोड़ा में फलसीमा के पास अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ मोटरमार्ग पर जंगल की आग से विशाल चीड़ का पेड़ गिर गया, जिससे कई घंटे यातायात बाधित रहा। ग्रामीणों का कहना है कि अपने संसाधनों को बचाने के लिए उन्हें स्वयं कमान संभालनी पड़ रही है। सरकार वन महकमे की तरफ ध्यान नहीं दे रही। महतगांव से सटे जंगल में रविवार देर शाम भीषण आग लग गई। तेजी से फैली आग की लपटें अल्मोड़ा-सोमेश्वर मोटरमार्ग तक जा पहुंचीं। काकड़ीघाट के कांडा गांव, खानगांव के समीप जंगलों में भी आग लग गई।
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उत्तराखंड के जंगलों में आग - फोटो : अमर उजाला
पिछले कुछ दिनों में जंगल की आग के मामले कम हुए तो वन विभाग ने हेलीकॉप्टर का उपयोग बंद कर दिया था। मुख्य वन संरक्षक आपदा प्रबंधन मान सिंह के मुताबिक जरूरत पड़ने पर इन हेलीकॉप्टरों का उपयोग दोबारा किया जा सकता है। वहीं, भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 4000 हेक्टेयर जंगल वन अग्नि के मामलों को लेकर अत्यधिक संवेदनशील है। अप्रैल में वन अग्नि की घटनाएं सामने आने के कारण मई माह को लेकर वन विभाग की चिंता बढ़ी हुई है।

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उत्तराखंड में जंगल की आग - फोटो : अमर उजाला
उधर, प्रमुख वन संरक्षक राजीव भरतरी ने सोमवार को नैनीताल वन प्रभाग के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर अधिकारियों को वनाग्नि रोकने के लिए कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जंगलों को आग से बचाने में लापरवाही न हो। बता दें कि पिछले दिनों हाईकोर्ट ने उत्तराखंड के जंगलों में लग रही आग का संज्ञान लेते हुए प्रमुख वन संरक्षक भरतरी को हाईकोर्ट में उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। 
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उत्तराखंड में जंगल की आग - फोटो : अमर उजाला
हाईकोर्ट के निर्देश पर भरतरी ने सोमवार को मनोरा वन क्षेत्र के लिंगाधार स्थित क्रू स्टेशन पर वनाग्नि सुरक्षा के लिए की जा रही तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने  प्रभागीय वनाधिकारी, नैनीताल को वनाग्नि रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए और आदेशों का पालन करने को कहा। प्रमुख वन संरक्षक ने रेंज में वनाग्नि रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। 
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उत्तराखंड के जंगलों में आग - फोटो : अमर उजाला
कहा कि वनों की आग से सुरक्षा के लिए सभी को सतर्क रहना भी जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह आग की रोकथाम में प्रयुक्त उपकरणों को प्रत्येक क्रू स्टेशनों पर रखें, जिससे जरूरत पड़ने पर उनका समुचित उपयोग किया जा सके। उन्होंने एनडीआरएफ की टीम को वनाग्नि रोकने के लिए तत्पर रहने को कहा। 
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