शताब्दी एक्सप्रेस की बोगी में लगी आग के बाद ट्रेन में बैठा हर यात्री सहमा हुआ था। हालांकि, इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। इसके बावजूद यात्रियों के चेहरों पर खौफ साफ नजर आ रहा था। दून रेलवे स्टेशन पहुंचते ही जैसे ही यात्रियों को अपने परिजन दिखे तो वह फूट-फूट कर रोने लगे। परिजन और यात्री भगवान का शुक्रिया अदा करते दिखे। विदित है कि दिल्ली से दून के लिए चली शताब्दी एक्सप्रेस की सी-5 बोगी में अचानक आग लग गई। दिल्ली से सहारनपुर तक बोगी पूरी भरी हुई थी, लेकिन सहारनपुर में कई यात्री उतर गए। वहां से दून के लिए बोगी में 35 यात्री थे। इसमें बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल थीं। यात्रियों के मुताबिक ट्रेन कांसरो रेलवे स्टेशन पहुंचने ही वाली थी कि अचानक बाथरूम से धुआं उठता दिखाई दिया। धुआं बढ़ा तो यात्रियों में अफरातफरी मच गई। महिलाएं, बच्चे सभी चीखने चिल्लाने लगे। कुछ लोगों ने बमुश्किल माहौल को संभाला। यात्रियों के चीखने, चिल्लाने और आग बढ़ती देख ट्रेन को रोक दिया गया। इसके बाद रेलवे कर्मचारियों, फायर सर्विस टेंडर कर्मचारियों और पुलिस ने सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाला। रेलवे कर्मचारियों ने सी-5 बोगी को ट्रेन से अलग कर यात्रियों को दूसरी बोगियों में शिफ्ट किया।