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उत्तराखंड: भारी बारिश से फिर बढ़ा ऋषिगंगा का जलस्तर, दहशत में घरों को छोड़ जंगल की ओर भागे ग्रामीण, तस्वीरें...

Tue, 04 May 2021 10:29 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपेश्वर
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ऋषिगंगा का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों ने छोड़ा घर - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के चमोली में भारी बारिश से ऋषि गंगा का जल स्तर बढ़ने से रैणी गांव में भी मंगलवार को ग्रामीणों के बीच अफरातफरी मची रही। लोग घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर चले गए। 7 फरवरी को ऋषि गंगा की त्रासदी के बाद से लोग दहशत में हैं। मंगलवार को क्षेत्र में दोपहर बाद से तेज बारिश हो रही थी।

दोपहर बाद ऋषि गंगा नदी का जल स्तर बढ़ने पर रैणी गांव के ग्रामीण अपने घरों को छोड़कर जंगल में चले गए। रैणी गांव के मुरली सिंह, पूरण सिंह और पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य संग्राम सिंह ने बताया कि दोपहर बाद उच्च हिमालय क्षेत्रों में बर्फबारी के साथ ही तेज बारिश हुई, जिससे ऋषि गंगा का जल स्तर बढ़ गया। दोबारा अनहोनी की आशंका को देखते हुए ग्रामीण गांव से दूर जंगलों में चले गए हैं। देर रात तक भी क्षेत्र में बारिश हो रही थी। 

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वहीं, बदरीनाथ धाम की चोटियों के साथ ही हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, घांघरिया, रुद्रनाथ, लाल माटी सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई जबकि निचले क्षेत्रों में तेज बारिश हुई। तेज बारिश के कारण आलू और गेहूं की फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम खराब होने से शाम को साढ़े चार बजे ही अंधेरा छा गया था। गोपेश्वर के साथ ही जोशीमठ, पोखरी, पीपलकोटी, नंदप्रयाग, घाट क्षेत्रों में बरसाती गदेरे उफान पर आ गए।
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ऋषिगंगा का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों ने छोड़ा घर - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि मंगलवार शाम को घाट ब्लाक में एक साथ तीन जगहों पर बादल फटने से भारी तबाही मच गई। कई मकान, दुकानें और वाहन मलबे में दब गए हैं। सूचना पर एसडीआरएफ, पुलिस टीम और तहसील की आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू कर  करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद तीनों लोगों को सुरक्षित निकाल लिया।
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ऋषिगंगा का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों ने छोड़ा घर - फोटो : अमर उजाला
घाट-बांजबगड़, घाट-भेंटी और घाट-उस्तोली सड़कों पर टनों मलबा भर जाने से यहां आवाजाही बाधित हो गई है। वहीं, भारी बारिश के चलते बरसाती गदेरे भी उफान पर बह रहे हैं, जिससे चुफलागाड नदी का जल स्तर बढ़ गया है।

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ऋषिगंगा का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों ने छोड़ा घर - फोटो : अमर उजाला
तहसीलदार राकेश देवली ने बताया कि बिनसर पहाड़ी की तलहटी में तीन जगहों पर बादल फटने की घटना हुई है। एसडीआरएफ, पुलिस टीम और तहसील की आपदा प्रबंधन की टीम रेस्क्यू में लगी है। दुकानों और वाहनों को नुकसान हुआ है।


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चमोली में बादल फटा - फोटो : अमर उजाला
मलबे से घाट-नंदप्रयाग सड़क भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क पर टनों मलबा पसरा हुआ है। शाम करीब साढ़े पांच बजे मलबा आने से सड़क अवरुद्घ हो गई थी। जिला प्रशासन की ओर से सड़क को खोलने के लिए जेसीबी मशीन भेजने की बात कही गई, लेकिन रात आठ बजे तक भी मशीन मौके पर नहीं पहुंची, जिसे देख स्थानीय लोग ही मलबा हटाने में जुट गए।
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चमोली में बादल फटा - फोटो : अमर उजाला
चमोली जनपद का घाट बाजार लंबे समय से आपदाओं का दंश झेलता आ रहा है। आपदा के लिहाज से घाट बाजार महफूज नहीं है। चारों ओर से पहाड़ियों से घिरे घाट बाजार के बीचोंबीच से चुफलागाड़ नदी बहती है। इस नदी के उफान पर आने से भी कई लोग अकाल मौत का शिकार हुए हैं। 
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