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साहसिक पर्यटन के रूप में विकसित होगी उत्तराखंड की निजमूला घाटी, तस्वीरें इतनी खूबसूरत की आना चाहेंगे यहां

Sat, 09 Jan 2021 03:53 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal प्रमोद सेमवाल, अमर उजाला, गोपेश्वर
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- फोटो : amar ujala
चमोली जिले की सुदूर निजमूला घाटी ट्रैकिंग के साथ ही अब साहसिक पर्यटन के रूप में भी विकसित होगी। साहसिक पर्यटन के लिए घाटी में फ्लाइंग फाक्स, रीवर क्रासिंग, बर्मा ब्रीज, कमांडो नेट और टायर बॉल जैसी गतिविधियां शुरू की जाएंगी। इसके लिए स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण के साथ ही इसके संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी।
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- फोटो : amar ujala
इससे युवाओं की आजीविका को बढ़ावा मिलेगा। जिला प्रशासन ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। बदरीनाथ हाईवे के बिरही स्थान से निजमूला घाटी शुरू हो जाती है। प्राकृतिक सुंदरता के साथ ही घाटी में जैव विविधता का अपार भंडार है।
 
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- फोटो : amar ujala
पर्यटक घाटी में ट्रैकिंग के लिए लोग पहुंचते हैं। कई पर्यटक साहसिक खेलों के शौकीन रहते हैं। लिहाजा, जिला प्रशासन ने निजमूला घाटी के दुर्मीताल में साहसिक पर्यटन की गतिविधियां शुरू करने की योजना बनाई है। सीमांत जनपद चमोली में पर्यटन की दृष्टि से कई ऐसे गुमनाम पर्यटन स्थल है जो दुनिया की नजरों से दूर हैं। 

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- फोटो : amar ujala
जिला पर्यटन विकास अधिकारी विजेंद्र पांडे ने बताया कि साहसिक पर्यटन की गतिविधियों संचालित करने के लिए युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही इन गतिविधियों के संचालन का जिम्मा स्थानीय युवाओं को दिया जाएगा।
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- फोटो : amar ujala
युवाओं की एक समिति भी गठित की जाएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीणों की आजीविका संवर्द्धन करना है। डीएम स्वाति एस भदौरिया का कहना है कि स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार मुहैया कराने के लिए दुर्मीताल के समीप साहसिक पर्यटन की गतिविधियां शुरू की जा रही हैं। इसके लिए जगह स्थान, युवाओं का चयन सहित कई तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
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- फोटो : amar ujala
ग्वालदम से तपोवन तक 200 किमी लंबी पैदल लार्ड कर्जन रोड निजमूला घाटी के गांवों से होकर गुजरती है। यह ट्रैक जिले का सबसे लंबा और रमणीक ट्रैक है। दुर्मीताल, सप्तकुंड जैसे पर्यटन स्थल भी निजमूला घाटी में स्थित हैं।घाटी में तडाग ताल के बाद सात झीलों का गुमनाम खजाना है, जिसे पवित्र सप्तकुंड के नाम से जाना जाता है। प्रकृति की इस अनमोल नेमत को देखकर हर कोई अचंभित हो जाता है।
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