अरुणाचल में शहीद हुए कुमाऊं रेजीमेंट के हवलदार मुकेश कुमार का पार्थिव शरीर बुधवार तड़के साढ़े पांच बजे काशीपुर पहुंचा। शहीद के पार्थिव शरीर को उनके नंदपुर गांव स्तिथ निवास पर ले जाया गया।
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- फोटो : amar ujala
पार्थिव शरीर पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों को पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन कराने के बाद गांव के ही श्मशान घाट में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। काशीपुर हेमपुर डीपो की सैन्य टुकड़ी ने श्मशान घाट पर शहीद को सलामी दी।
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शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए सैकड़ों लोग उनके आवास पर पहुंचे। अरुणाचल के बोमडिला में तैनात कुमाऊं रेजीमेंट के हवलदार मुकेश कुमार ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए थे। जिला मुरादाबाद (यूपी) के थाना डिलारी के ग्राम गक्खरपुर निवासी मुकेश कुमार (38) पुत्र स्व. ओमप्रकाश नौ कुमाऊं रेजीमेंट में हवलदार थे।
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करीब 10 वर्ष पूर्व वे काशीपुर के ग्राम नंदरामपुर में मकान बनाकर रहने लगे थे। इसी गांव में उनकी ससुराल भी है। तीन साल से मुकेश अरुणाचल प्रदेश के बोमडिला में तैनात थे। रविवार दोपहर करीब तीन बजे यूनिट के अधिकारियों ने मुकेश के बड़े पुत्र विशाल कुमार को सूचना दी कि तुम्हारे पिता की हालत गंभीर है। करीब आधे घंटे बाद यूनिट से उसे पिता की शहादत की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही गांव में मातम पसर गया।
मृतक के परिवार में पत्नी नीलम और दो बेटे विशाल (18) एवं ऋषभ (15) हैं। उसके भाई मुनेश कुमार का रानीखेत में निजी व्यवसाय है, जबकि दोनों बहनें बबली और कविता विवाहित हैं। शहीद हुए हवलदार मुकेश कुमार को चार अप्रैल 2021 को सेवानिवृत्त होना था।