फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सास, ससुर और दो सालियों की हत्या करने के बाद आरोपी ने बताई अपराध की असली वजह, गया जेल

Sat, 29 Aug 2020 10:54 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर
विज्ञापन
1 of 7
रुद्रपुर में घर के अंदर मिले शव - फोटो : अमर उजाला
सास, ससुर और दो सालियों की हत्या करने के बाद शवों को घर में ही दफनाने वाले मुख्य आरोपी नरेंद्र गंगवार को पुलिस की गिरफ्त में आते ही अपने कृत्य पर पछतावा होने लगा है। आरोपी नरेंद्र का कहना है कि उसने संपत्ति की खातिर नहीं बल्कि ससुर से हुए झगड़े के दौरान मिले तानों से झल्लाकर उनकी हत्या कर दी थी। इसके बाद जेल जाने के डर से उसने सास और दो सालियों की भी हत्या कर दी। इधर, दूसरे आरोपी विजय ने दोस्ती और रिश्तेदारी के चलते हत्याकांड में शामिल होने की बात कही है। हालांकि दोनों की कही बातें आसानी से गले नहीं उतर रहीं हैं। 
 
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 7
रुद्रपुर में घर के अंदर मिले शव - फोटो : अमर उजाला

शनिवार को जिला अस्पताल में पुलिसकर्मी दोनों आरोपियों नरेंद्र और विजय को कोर्ट में पेश करने से पहले मेडिकल कराने के लिए लाई थी। इस दौरान मुख्य आरोपी नरेंद्र ने बताया कि हत्याकांड की तारीख से कुछ दिन पहले उसका किसी बात को लेकर ससुर हीरालाल से काफी विवाद हुआ था। विवाद के दौरान ससुर ने उसे काफी जलील किया था। ससुर की कहीं कुछ बातें उसके दिल में चुभ गईं थीं। इसके बाद उसने ससुर से बदला लेने की ठानी थी और किराये पर रहने वाले रिश्तेदार विजय के साथ मिलकर ससुर की हत्या करने की योजना बनाई थी। उनका इरादा सास और सालियों को मारने का नहीं था लेकिन ससुर की हत्या के बाद मामला पुलिस तक पहुंचने और पकड़े जाने के डर से तीन और हत्याएं करनी पड़ीं। 
 
विज्ञापन

3 of 7
रुद्रपुर में घर के अंदर मिले शव - फोटो : अमर उजाला
आरोपी नरेंद्र का कहना है कि उसने संपत्ति के लालच में नहीं बल्कि विवाद में ससुर की ओर से कही गई बातों से आवेश में आकर हत्या की। हालांकि, उसने यह नहीं बताया कि ससुर की कौन सी बातें उसके दिल में घर कर गईं थीं। आरोपी ने कहा कि चार हत्याएं करने के कुछ दिनों बाद उसे अपने कृत्य का मलाल होने लगा लेकिन पुलिस के डर की वजह से वह खामोश रहा। वहीं सह आरोपी विजय ने इस मामले चुप्पी साधे रखी। सिर्फ इतना कहा कि वह नरेंद्र का फुफेरा भाई होने के साथ ही बचपन का दोस्त है। इसी के चलते उसने कृत्य में उसका साथ दिया। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश करनें के बाद जेल भेज दिया है।  

4 of 7
रुद्रपुर में घर के अंदर मिले शव - फोटो : अमर उजाला
सास, ससुर और दो सालियों की हत्या कर उन्हें घर में दफनाने वाला मुख्य हत्यारोपी घर-जमाई बनकर ससुरालियों के करीब आया था। नरेंद्र ने बताया कि हत्या से पहले उसने पत्नी लीलावती को मामले से अंजान रखने के लिए 18 अप्रैल 2019 को उसे बरेली में फूफा डोरीलाल के घर जाकर छोड़ दिया था। फिर 20 अप्रैल को हत्याएं करने और शवों को ठिकाने लगाने के 10 दिन बाद वह पत्नी को लेने बरेली रवाना हुआ। यहां लौटने पर पत्नी लीलावती ने जब घर में ताला लगा होने पर अचरज जताया और परिजनों के बारे में पूछा तो नरेंद्र ने उसे सभी के हल्द्वानी स्थित कालाढूंगी रोड में बस जाने की बात कही थी।
विज्ञापन

5 of 7
रुद्रपुर में घर के अंदर मिले शव - फोटो : अमर उजाला
काफी दिनों तक कॉल और उनके घर नहीं पहुंचने पर पत्नी ने एक दिन परिजनों से मिलने के लिए जाने की बात कही लेकिन सच्चाई छिपाने के लिए वह लगातार उसे टालता रहा था। दोनों मुख्य आरोपियों नरेंद्र और विजय एवं लीलावती को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने शनिवार तड़के तीन बजे तक तीनों से पूछताछ की। इस दौरान बारी-बारी से सभी के बयान दर्ज किए गए। रात 12 बजे मुख्य आरोपी नरेंद्र गंगवार से पुलिस ने पूछताछ की जो करीब एक घंटे से अधिक चली। सुबह 10:30 बजे दोनों आरोपियों को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल लाया गया। इसके बाद कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। 
विज्ञापन

6 of 7
रुद्रपुर में घर के अंदर मिले शव - फोटो : अमर उजाला
एसओ ललित जोशी ने बताया कि लीलावती से अभी पूछताछ चल रही है। इधर, चारों शवों को देर शाम पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में भेजा गया। मूलरूप से ग्राम पैगानगर तहसील मीरगंज थाना बरेली एवं हाल राजा कॉलोनी ट्रांजिट कैंप निवासी हीरालाल (66) उनकी पत्नी हेमवती (55), बेटी दुर्गा (26) और पार्वती (20) की 20 अप्रैल 2019 को हत्या कर शवों को घर में ही गड्ढा खोदकर दफना दिया गया था। हीरालाल के नाती दुर्गा प्रसाद की शिकायत पर हुई जांच में इस हत्याकांड का बीते शुक्रवार को पुलिस ने खुलासा किया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
रुद्रपुर में घर के अंदर मिले शव - फोटो : अमर उजाला
चारों शवों का शनिवार दोपहर तक पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। दिनभर पोस्टमार्टम को लेकर असमंजस की स्थिति बनीं रही। पोस्टमार्टम के लिए को दो डॉक्टरों डॉ. डीपी सिंह और डॉ. यतेंद्र सिंह बृजवाल का पैनल गठित किया गया था। दोनों डॉक्टरों ने सुशीला तिवारी अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों को पत्र लिखकर बताया कि उनके पास एमडी फोरेंसिक मेडिसिन की डिग्री नहीं है, इसलिए वे मौत का समय एवं कारण बता पाने में सक्षम नहीं हैं। एसआई मनोज कुमार ने बताया कि शाम पांच बजे शवों को हल्द्वानी ले जाया गया, जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई। बताया कि पोस्टमार्टम की पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई। वहीं, बाल, नाखून के अलावा शरीर के कई हिस्सों के सैंपल लेकर सुरक्षित रखे गए। विसरा भी जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें