एक दायित्वधारी ने मंच से संबोधन में कहा कि यह रैली किसी का विरोध करने के लिए नहीं, बल्कि कृषि कानूनों के प्रति फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करने के लिए है, लेकिन रैली में किसानों की संख्या बेहद कम होने से 12 विधानसभाओं के किसानों का कितना भ्रम दूर होगा, वो समय बताएगा। इधर, एक बात तो तय है कि संगठन ने किसानों के बीच विधायक और दायित्वधारियों की पैठ का जरूर आकलन कर लिया होगा।