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यादें : कई सौगात देकर अजित ने जीता था हरिद्वार के किसानों का दिल, रैली में उमड़ती थी भीड़

Fri, 07 May 2021 02:16 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal अंकित कुमार गर्ग, अमर उजाला, रुड़की

सार

उन्होंने हरिद्वार के किसानों की आवाज न केवल लोकसभा में बुलंद की, बल्कि लिब्बरहेड़ी शुगर को अनुमति दिलाने से लेकर किसानों के लिए चीनी का बेसिक कोटा निर्धारित कराने समेत कई मुद्दों पर निर्णायक लड़ाई लड़ी। 
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सभा को संबोधित करते चौधरी अजित सिंह - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
हरिद्वार के किसानों में दिलों में चौधरी अजित सिंह यूं ही नहीं बसते थे। उन्होंने हरिद्वार के किसानों की आवाज न केवल लोकसभा में बुलंद की, बल्कि लिब्बरहेड़ी शुगर मिल को अनुमति दिलाने से लेकर किसानों के लिए चीनी का बेसिक कोटा निर्धारित कराने समेत कई मुद्दों पर निर्णायक लड़ाई लड़ी। यह बात और है कि किसानों के दिलों में राज करने के बावजूद हरिद्वार से कोई सीट उनकी पार्टी की खाते में नहीं आ सकी। हालांकि, मंगलौर क्षेत्र में मुस्लिम बहुल इलाका होने के बावजूद उनकी पार्टी के प्रत्याशियों ने करारी टक्कर जरूर दी। हरिद्वार के किसान चौधरी अजित सिंह के दिलों में बसते थे। वे कई बार मंगलौर गुड़ मंडी और जिले के अन्य क्षेत्रों में चुनावी रैलियों और विभिन्न मौकों पर विशाल रैली का आयोजन करते थे। कोई बड़ा संगठन हरिद्वार में नहीं होने के बावजूद यह उनके व्यक्तित्व की ही ताकत थी कि उनकी रैली में भीड़ उमड़ती थी। उनके केंद्र में मंत्री रहते हुए यहां के किसानों के डेलीगेशन उनके पास जाया करते थे और वे उनकी बात को लोकसभा में उठाते थे। उनके बेहद करीबी रहे और रालोद में लक्सर विधानसभा के संयोजक रहे बाबूराम थिथकी बताते हैं कि यूपी के समय में जब अजित सिंह उद्योग मंत्री थे तो यहां के किसान उनसे मिलने गए और शुगर मिल की अनुमति मांगी।
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चौधरी अजित सिंह - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
उनके प्रयास से लिब्बरहेड़ी शुगर मिल यूपी में तीसरे नंबर पर आ गया, लेकिन तब भी तत्कालीन खाद्य मंत्री के पाले में गेंद होने के कारण मामला अटका हुआ था, लेकिन अजित सिंह ने आखिर तक प्रयास किए। तब कहीं जाकर लिब्बरहेड़ी शुगर मिल को अनुमति मिली। यही नहीं, चौधरी अजित सिंह ही वह नेता थे, जिन्होंने गन्ना किसानों के लिए चीनी का बेसिक कोटा निर्धारित कराया।
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सभा में बोलेते चौधरी अजित सिंह - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
बाबूराम थिथकी ने बताया कि उस समय किसानों को प्रति क्विंटल चीनी पर 10 ग्राम चीनी शुगर मिल से मिलती थी। पूरे साल में क्विंटलभर चीनी इकट्ठा हो जाती थी। इसी तरह क्षेत्र के किसान संजय सिंह, पद्म सिंह रोड़, गौरव चौधरी, चौधरी यशवीर सिंह आदि के दिलों में भी चौधरी अजित के ढेरों किस्से हैं। 

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अजीत सिंह - फोटो : PTI
वर्ष 1995 से लेकर 2000 तक हरिद्वार बचाओ आंदोलन चरम पर रहा। सपा के साथ रालोद ने भी इस आंदोलन को धार दी। हरिद्वार बचाओ संघर्ष समिति के एलान पर एक सप्ताह तक हाईवे जाम और प्रदर्शन किया गया।
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रालोद अध्यक्ष अजित सिंह - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
उस समय भी चौधरी अजित सिंह ने इस आंदोलन का नेतृत्व करते हुए पुरजोर समर्थन दिया। इसके अलावा भी उन्होंने किसानों के कई प्रदर्शनों में हिस्सेदारी की।
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