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खुशखबर : यहां नहीं चलेगा अतिक्रमण हटाओ अभियान, बेघर हुए लोगों को घर देगी सरकार 

Thu, 20 Sep 2018 11:48 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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madan kaushik
उत्तराखंड के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान की कार्रवाई में जिन लोगों के घर और दुकान पूरी तरह से हटाए जाएंगे, उनका चिन्हीकरण करके सरकार उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 3.50 लाख रुपये में आवास देगी। जरूरत पड़ने पर उन्हें सरकार की गारंटी पर लोन भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाओ अभियान केवल मुख्य मार्गों पर चलेगा। गली मोहल्लों और कालोनियों को इससे मुक्त रखा जाएगा।
 
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vidhan sabha
कौशिक ने कहा कि रुद्रपुर में नजूल भूमि के मामले को लेकर सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी। वे कार्यस्थगन प्रस्ताव पर जवाब दे रहे थे। लेकिन उनके जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वेल में आकर नारेबाजी की, जिस पर संज्ञान लेते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने सरकार को निर्देश दिए कि वो न्यायालय के निर्णय का सम्मान करते हुए गरीब और आमजन को राहत देने के लिए मामले पर विचार करें। इससे पूर्व सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर विपक्ष ने इस मसले को नियम 310 में उठाना चाहा, लेकिन विस अध्यक्ष ने भोजनावकाश के बाद इसे नियम 58 में सुना।
 
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vidhan sabha
नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश, प्रीतम सिंह, गोविंद सिंह कुंजवाल और करण माहरा ने सरकार पर आरोप लगाया कि अतिक्रमण हटाओ अभियान के नाम पर दशकों से बसे लोगों के घरों उजाड़ा जा रहा है। का सरकार का रवैया तानाशाहों सरीखा है। प्रेमनगर में रिफ्यूजी परिवार सड़क पर आ गए। हरिद्वार टूट रहा है। नैनीताल में भोटिया और चाट मार्केट को उजाड़ दिया है। रुद्रपुर में नजूल भूमि पर बसे लोगों को हटाने के निशान लगाए जा रहे हैं। उन्हें नोटिस दे दिए गए हैं। सितारगंज में एक गांव को उजाड़ने के आदेश हो चुके हैं। भूमिधरी की जमीन पर बने आवास तक तोड़ दिए गए। सरकार मलिन बस्तियों की तर्ज पर शहरों का भी संरक्षण करे। उनके लिए भी अध्यादेश लाए। सरकार कमेटी बनाए और कोई कानूनी रास्ता तलाश करे।
 

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vidhan sabha
विपक्ष के सवालों पर शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि अतिक्रमण हटाने को लेकर न्यायालय से आदेश हुए हैं। सरकार को कोर्ट के निर्णय की समीक्षा करने का अधिकार नहीं है। सरकार उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में गई। न्यायालय ने रियायत नहीं दी। प्रदेश की 600 मलिन बस्तियों को बचाने के लिए अध्यादेश लाई। 

 
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vidhan sabha
कांग्रेस विधायक करण माहरा ने कहा कि हर चीज के लिए कोर्ट सरकार को निर्देश रही है। राज्य कैसे चलेगा। हर बात के लिए कोर्ट को निर्देश देने पड़ रहे हैं। क्या सरकार न्यायालय में मजबूती से पक्ष नहीं रखती। सदन कानून बनाने के लिए है। अतिक्रमण हटाने के  मामले में सरकार एक कमेटी बनाए और रास्ता निकाले। 

 
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vidhan sabha
कोर्ट का जिक्र छिड़ा तो शहरी विकास मंत्री ने यह सवाल उछालकर विपक्ष को छेड़ा कि आखिर जनहित याचिका लगाने वाले किस पार्टी विशेष के लोग हैं। इस पर विपक्षी सदस्य भिड़ गए। कौशिक और करण माहरा के बीच तीखी नोक-झोंक हुई।

 
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Premchand Aggarwal
यह प्रश्न जनसामान्य की व्यापक समस्या से जुड़ा हुआ है। उनकी समस्या को देखते हुए यह आवश्यक है कि विधिक आलोक में इस विषय पर सरकार संगत विचार करे। न्यायालय के निर्णय का सम्मान भी हो और कोई भी गरीब व जनसामान्य व्यक्ति प्रतिकूल रूप से प्रभावित न हो।
-प्रेमचंद अग्रवाल, अध्यक्ष, विधानसभा
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