राहत-बचाव कार्य जारी
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उसके सिर और पांव में चोटें आई, करीब दो घंटे बाद यानि सुबह साढ़े ग्यारह बजे गांव के लोगों ने मंजू की ढूंढखोज की तो, उसके चिल्लाने पर लोगों ने पत्थर और लकड़ी को हटाकर मंजू को बाहर निकाला। मंजू का 6 कमरों का मकान पूरी तरह से खंडर बन गया है।