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गौरीकुंड हादसा: आंखों देखी...लोग बोले-तेज आवाज से टूटी नींद, लगा कहीं बादल फट गया, पहुंचे तो दिखा डरावना मंजर

Fri, 04 Aug 2023 07:40 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, गुप्तकाशी(रुद्रप्रयाग)
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गौरीकुंड में हादसा - फोटो : अमर उजाला
रात 11.30 बजे जब मूसलाधार बारिश के बीच तेज आवाज सुनाई दी, तो नींद टूट गई और लगा कहीं बादल फट गया। मन में अनहोनी की आशंका घर कर गई और घबराहट हो रही थी। इस दौरान बाहर कुछ लोगों की आवाज सुनी तो मैं भी कमरे से बाहर आ गया। तभी कुछ लोग दौड़ते हुए आए और बोले कि डाट पुल के पास पहाड़ी से भारी भूस्खलन हुआ है, कुछ दुकानें भी ध्वस्त हो गईं हैं।
 

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इसके बाद, हम सभी लोग मौके पर पहुंचे तो वहां का मंजर डरावना था। बोल्डर और मलबे के बीच दुकानों का कोई पता नहीं था। सिर्फ लोहे व बांस के कुछ एंगल दिखाई दे रहे थे। जो हालात हैं, उसे देखकर डर लग रहा है। ये कहना है गौरीकुंड के मोहन चंद्र गोस्वामी का।
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गौरीकुंड में हादसा - फोटो : अमर उजाला
मोहन बताते हैं कि सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच दिन में शटल सेवा के साथ ही पैदल यात्री भी चलते हैं। ऐसे में दिन में हादसा हुआ होता तो जानमाल का और अधिक नुकसान हाेता। सड़क बेहद संकरी है और उसके ऊपरी तरफ खड़ी पहाड़ी से पत्थर गिरने का पहले से पता नहीं चलता।
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गौरीकुंड में हादसा - फोटो : अमर उजाला
नीचे ऊफान पर मंदाकिनी नदी बह रही है। ऐसे में किसी भी हादसे में बचाव का कोई भी उपाय नहीं होता। स्थानीय निवासी गौरी शंकर गोस्वामी और रामचंद्र गोस्वामी का कहना है कि जिस तरह से बादलों की गर्जना के साथ तेज आवाज हुई, तो जून 2013 की आपदा की याद आ गई।

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गौरीकुंड में हादसा - फोटो : अमर उजाला
डर और बेचैनी के बीच हम लोग जैसे-तैसे मौके पर पहुंचे, तब तक रेस्क्यू दल के लोग भी पहुंच चुके थे। बारिश के बीच टार्च की रोशनी में खोजबीन संभव नहीं थी, लेकिन इतना समझ में आ गया था कि नुकसान काफी हुआ है।
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मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : amar ujala
बता दें कि रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर गौरीकुंड में भूस्खलन होने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 लोग लापता हैं। शुक्रवार शाम साढ़े छह बजे अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू रोक दिया गया। शनिवार सुबह से एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस, होमगार्ड, यात्रा मैनेजेमेंट फोर्स के जवान फिर से लापता लोगों की तलाश में जुट जाएंगे।
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