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उत्तराखंडः कोर्ट से 'सहमे' सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री, आवास खाली करने को होने लगे राजी

Fri, 21 Oct 2016 08:33 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, नैनीताल
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भगत सिंह कोश्यारी - फोटो : Self
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्रियों के सरकारी आवास खाली मामले में हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्रियों को साफ-साफ बताना होगा कि वे कब तक सरकारी आवास खाली करेंगे। उधर, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने कहा है कि वह नवंबर में सरकारी आवास खाली कर देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने ही सुविधा दी थी। अब सरकार ही यह सुविधा वापस ले रही है। 
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विजय बहुगुणा - फोटो : file photo
हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई अब बृहस्पतिवार को होगी। हाईकोर्ट ने बुधवार को हुई सुनवाई में पूर्व मुख्यमंत्रियों से फिर पूछा कि वे कब तक आवास खाली करेंगे। रूलक (रूरल लिटिगेशन एंड एनटाइटलमेंट सेंटर) ने इस मामले में जनहित याचिका दायर की थी। बुधवार को मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ और न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। रूलक की ओर से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा गया था कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास और अन्य सुविधाएं दिया जाना गलत है। इससे सिर्फ सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है।
 
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नैनीताल उच्च न्यायालय - फोटो : ‌file photo
याचिका में पूर्व मुख्यमंत्रियों से आवास लेने और बाजार दर पर किराया पूर्व मुख्यमंत्री से वसूले जाने की मांग की गई है। सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को सूचित किया जा चुका है कि वह 16 दिसंबर तक आवास को खाली कर दें। कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों से पूछा कि वे कब तक आवास खाली कर देंगे। हाईकोर्ट अब इस मामले की सुनवाई 20 अक्तूबर को करेगी।
 

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पूर्व मुख्यमंत्रियों के अधिवक्ताओं ने इससे पहले हाईकोर्ट में कहा था कि वे सरकारी आवास खाली करने के लिए तैयार हैं, लेकिन सरकार की ओर से उनसे सरकारी आवास खाली करने के लिए कहा ही नहीं गया। इस पर कोर्ट ने 19 अक्टूबर को सुनवाई की तिथि तय की थी। कोर्ट में मामले की सुनवाई को देखते हुए राज्य संपत्ति विभाग ने ठीक सुनवाई से पहले ही पूर्व मुख्यमंत्रियों को 16 दिसंबर तक आवास खासी कराने का नोटिस जारी किया। बुधवार को कोर्ट में सरकार की ओर कहा गया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को नोटिस जारी किया जा चुका है।
 
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एनडी तिवारी
इस पर कोर्ट ने पलट कर फिर पूर्व मुख्यमंत्रियों से पूछा कि वे बताएं कि वे कब तक सरकारी आवास खाली करेंगे। इस पर पूर्व मुख्यमंत्रियों के अधिवक्ताओं ने कहा कि वे पूर्व मुख्यमंत्रियों से पूछ कर बताएंगे। इस समय पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी, भगत सिंह कोश्यारी, भुवन चंद्र खंडूड़ी, विजय बहुगुणा और रमेश पोखरियाल निशंक प्रदेश में सरकारी आवास का उपयोग कर रहे हैं।  
 
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नैनीताल हाईकोर्ट - फोटो : PTI
सरकारी आवास खाली करने के मामले में अब गेंद फिर पूर्व मुख्यमंत्रियों के पाले में है। हाईकोर्ट में इससे पहले हुई सुनवाई में पूर्व मुख्यमंत्रियों ने यह कहकर खुद को बचा लिया था कि उन्हें सरकार ने नोटिस दिया ही नहीं। वे खाली किस आधार पर करें। खुद को फंसता देख राज्य संपत्ति विभाग ने ठीक बुधवार की सुनवाई से पहले ही नोटिस कर पूर्व मुख्यमंत्रियों को 16 दिसंबर तक आवास खाली करने को कहा। बुधवार को हुई सुनवाई में पूर्व मुख्यमंत्रियों के अधिवक्ताओं को इस सवाल पर घिरना पड़ा। पूर्व मुख्यमंत्रियों से सरकारी आवास के उपयोग की अवधि का किराया वसूलने का मसला भी बाकी है।
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