बादल फटे, नदियों ने विकराल रूप लिया और देहरादून दहल उठा। इतनी तेज़ बारिश कि लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। चारों ओर पानी ही पानी, सड़कें बह गईं, घरों में कीचड़ भर गया, और कई ज़िंदगियां पल भर में थम गईं। हालत इतनी बेकाबू हो गई कि लोग जान बचाने के लिए बिजली के खंभों पर चढ़ गए। जमीन पर पानी ही पानी देख हर कोई सहम गया।
देहरादून के प्रेमनगर, ठाकुरपुर, सहस्त्रधारा, मालदेवता जैसे इलाकों में बादल फटने के बाद ऐसा खौफनाक मंजर सामने आया, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया। आपदा में 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और कई अभी भी लापता हैं। एनडीआरएफ की टीमों ने रेस्क्यू कर कई जिंदगियों को मौत के मुंह से बाहर निकाला।
बादल फटने से आई बाढ़ में लोग इतने डर गए कि जान बचाने के लिए बिजली के खंभों पर चढ़ गए। कोई छत पर था, कोई पेड़ पर, और कोई खंभे पर लटक गया। ताकि पानी का बहाव उन्हें साथ न ले जाए।