फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना का सितम: अपनों की जान बचाने के लिए सड़कों पर आंसू बहा रहे लोग, ऑक्सीजन के लिए गिड़गिड़ाते दिखे तीमारदार 

Sun, 02 May 2021 09:08 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की
विज्ञापन
1 of 6
रुड़की में ऑक्सीजन लेने के लिए एजेंसी के बाहर खड़े लोग - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के रुड़की में कोरोना से अपनों की जान बचाने के लिए लोग सड़कों पर आंसू बहाने के लिए मजबूर हैं। इस समय गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए दो ही चीजों की सख्त जरूरत पड़ रही है। ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन, लेकिन हाल यह है कि रुड़की में दो निजी अस्पतालों को छोड़कर बाकी सभी मेडिकल स्टोरों पर इंजेक्शन खत्म है।

सिविल अस्पताल में भी रेमडेसिविर नहीं है। वहीं, ऑक्सीजन की शहर में जितनी भी दुकानें हैं, वहां खाली सिलिंडर भरवाने के लिए लोग आंसू बहाते नजर आ रहे हैं, लेकिन कहीं कोई राह नहीं दिख रही है। सिविल अस्पताल में गंभीर मरीजों को दिए जाने वाला रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं पहुंचा है। अस्पताल के चिकित्सक मरीजों के तीमारदारों को पर्चे पर इंजेक्शन लिखकर दे रहे हैं।

कोरोना से हार गईं सांसें: हरिद्वार में श्मशान घाट पर 24 घंटे जल रहीं चिताएं, तपने लगे आस-पास के मकान, तस्वीरें...

इसके बाद लोग सड़कों पर दौड़ रहे हैं, लेकिन कहीं भी इंजेक्शन नहीं मिल रहे हैं। इंजेक्शन कब पहुंचेगा और कहां मिलेगा, इसे लेकर न तो स्वास्थ्य विभाग और न ही ड्रग विभाग साफ तौर पर कुछ बता रहा है। इसके चलते लोगों की सांसें अटकी हैं और हर तरफ अफरातफरी व भय का माहौल है।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 6
रुड़की में ऑक्सीजन लेने के लिए एजेंसी के बाहर खड़े लोग - फोटो : अमर उजाला
वहीं, अस्पतालों और घरों में पड़े मरीज ऑक्सीजन के लिए तड़प रहे हैं। रुड़की में किसी तरह दो प्राइवेट अस्पतालों विनय विशाल और आरोग्यम हॉस्पिटल में तो ऑक्सीजन की कमी पूरी हो पा रही है, लेकिन जिन लोगों को अस्पतालों में बेड नहीं मिल पा रहे हैं और उन्होंने मरीजों को घर पर ही आइसोलेट किया है।
विज्ञापन

3 of 6
रुड़की में ऑक्सीजन लेने के लिए एजेंसी के बाहर खड़े लोग - फोटो : अमर उजाला
इनमें से भी कई मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। लिहाजा परिजन रुड़की में चार-पांच ऑक्सीजन की दुकानों पर गिड़गिड़ा रहे हैं, लेकिन दुकानदार पीछे से ही ऑक्सीजन नहीं आने का रोना रो रहे हैं। कुछ लोग ऑक्सीजन की आस में फैक्टरियों की ओर दौड़ लगा रहे हैं, लेकिन यहां भी कई घंटों का इंतजार करना पड़ रहा है।

4 of 6
रुड़की में ऑक्सीजन के बारे में जानकारी देते दुकानदार - फोटो : अमर उजाला
किल्लत का आलम यह है कि देहरादून तक के लोग रेमडेसिविर इंजेक्शन की आस में रुड़की पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां दो दिन से निर्धारित मेडिकल स्टोर पर इंजेक्शन नहीं होने का हवाला दिया जा रहा है। वहीं, रुड़की के लोगों को जानकारी मिल रही है कि हरिद्वार के एक मेडिकल स्टोर पर रेमडेसिविर के इंजेक्शन मिल रहे हैं तो यहां के लोग डॉक्टर से पर्चा लिखवाकर हरिद्वार की दौड़ लगा रहे हैं। 
विज्ञापन

5 of 6
रुड़की में खाली पड़ी ऑक्सीजन एजेंसी - फोटो : अमर उजाला
औषधि निरीक्षक मानवेंद्र सिंह राणा ने बताया कि अभी रुड़की के लिए रेमडेसिविर नहीं पहुंचे हैं, लेकिन उम्मीद है कि सोमवार को स्टॉक पहुंच जाएगा। सोमवार को करीब 50 इंजेक्शन पहुंच जाएंगे। रुड़की में दुकानों पर ऑक्सीजन नहीं मिलने के बाद लोग मंगलौर स्थित ऑक्सीजन फैक्टरी की ओर दौड़ते नजर आए।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
रुड़की में ऑक्सीजन एजेंसी में जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
हालांकि, यहां अधिकांश लोगों को राहत मिली और ऑक्सीजन मिलने से लोगों ने राहत की सांस ली। सीएमओ एसके झा का कहना है कि स्टॉक शासन की ओर से भेजा जा रहा है। डिमांड भेजी गई है। जल्द ही रेमडेसिविर पहुंचने की उम्मीद है। सिविल अस्पताल रुड़की में भी जल्द इंजेक्शन पहुंच जाएंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें