उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अनाथ व ठुकराए बच्चों के लिए पालना योजना का शुभारंभ किया। इस दौरान सीएम रावत ने इन बच्चों पर खूब दुलार दिखाया।
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देखिए, 'ठुकराए' बच्चों पर कैसे उमड़ा CM साहब का प्यार
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सीएम रावत ने राजधानी देहरादून में दो कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं का फायदा अनाथ और ठुकराए बच्चों को मिलेगा। कौशल विकास योजना का लाभ मानसिक तौर पर कमजोर युवतियों को मिलेगा। मानसिक तौर पर कमजोर युवतियों-महिलाओं के कौशल विकास प्रशिक्षण के लिए नई जिंदगी नाम से योजना भी शुरू की।
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मुख्यमंत्री नारी निकेतन, बालिका निकेतन व शिशु सदन पहुंचे। उन्होंने
बच्चों, किशोरियों, महिलाओं से हालचाल पूछा। व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
खानपान, आवास व सुरक्षा की जानकारी प्राप्त की। शिशु सदन के गेट-दरवाजे पर
पालना रखा गया और एक घंटी भी लगाई गई।
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मुख्यमंत्री ने कहा अनाथ व ठुकराए हुए बच्चों की जिम्मेदारी सरकार लेगी। ऐसे सभी बच्चे सरकार की जिम्मेदारी होंगे। पालना योजना को सभी जिलों में शुरू किया जाएगा। देहरादून में जगह-जगह पालना रखे जाएंगे। जिससे अनचाहे-ठुकराए बच्चों को मरने के लिए न छोड़ा जाए। प्रमुख सचिव राधा रतूड़ी भी मौजूद रही।
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सीएम रावत ने कहा कि अनचाहे-ठुकराए बच्चों को पालने में रखकर घंटी बजा दी जाए। बाकी की सारी जिम्मेदारी सरकार उठाएगी। कहा कि कन्या भ्रूण हत्या के कलंक को उत्तराखंड से हर हाल में समाप्त करना है। छोड़ी गई बेटियों का पालन पोषण उत्तराखंड की बेटी के तौर पर किया जाएगा।