चमोली में आपदा
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बता दें कि ऋषि गंगा की जल प्रलय से मलारी हाईवे पर 90 मीटर लंबा मोटर पुल बह गया था, तब से नीती घाटी के 13 गांवों के ग्रामीणों की आवाजाही ठप हो गई थी। इसके बाद बीआरओ ने ऋषि गंगा पर अस्थायी पुल बनाया जिससे नीती घाटी के कुछ ही गांवों के ग्रामीणों की आवाजाही हो पा रही है। भंग्यूल और जुवाग्वाड़ गांव के लिए लोक निर्माण विभाग और सेना की ओर से ट्रॉली लगाई जा चुकी है, लेकिन लाता, सुरांईथोटा, तोलमा, रैणी चक लाता आदि गांवों के ग्रामीणों के लिए पुल की व्यवस्था नहीं हो पाई है।