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चमोली जल प्रलय: ऋषिगंगा में अब पानी बढ़ते ही बजने लगेगा सायरन, एक किलोमीटर तक देगा सुनाई

Wed, 17 Feb 2021 05:54 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ(चमोली)
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ऋषिगंगा में लगाया अलार्म सिस्टम - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के चमोली में आपदा के बाद अब एसडीआरएफ ने ऋषिगंगा में अलार्म सिस्टम लगा दिया है। यह अलार्म पानी का स्तर बढ़ने पर तुरंत बज जाएगा, लेकिन यह अलार्म अब लग रहा है जब यहां आपदा तबाही मचा चुकी है। जल विद्युत परियोजना का निर्माण कर रही कंपनी या प्रशासन ने पहले इस तरह का अलार्म लगाया होता, तो कई लोगों की जान बच सकती थी। 
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ऋषिगंगा में लगाया अलार्म सिस्टम - फोटो : twitter@sdrf
एसडीआरएफ के एसआई हरक सिंह रावत ने बताया कि ऋषिगंगा का जलस्तर चार मीटर तक बढ़ने पर यह खतरे के निशान को पार करेगा, जिसके बाद सायरन बजना शुरू हो जाएगा। एक किमी तक अलार्म सुनाई देगा। ताकि लोग समय पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकें। 
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ऋषिगंगा में लगाया अलार्म सिस्टम - फोटो : अमर उजाला
स्थानीय लोगों का कहना है कि अलार्म सिस्टम लगना तो सही है, लेकिन अक्सर शासन-प्रशासन बड़ी घटनाओं के बाद जागता है। हिमालय के मुहाने पर बन रही परियोजनाओं में हर समय खतरे का अंदेशा बना रहता है, लेकिन पहले से इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं की गई। 

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ऋषिगंगा में बनी झील तक पहुुंचा आईटीबीपी का दल - फोटो : twitter@itbp
वहीं, आईटीबीपी का एक दल ऋषिगंगा के मुहाने पर बनी झील तक पहुंच गया है। यह दल अध्ययन को पहुंचने वाले वैज्ञानिकों की मदद करेगा। साथ ही पैंग गांव के पास हेलीपैड भी बनाया जाएगा। आपदा के बाद ऋषिगंगा का पानी रुका हुआ है, जिससे वहां झील बनी हुई है। आईटीबीपी प्रथम वाहिनी सुनील के सीओ वेणुधर नायक का कहना है कि आईटीबीपी के जवान वैज्ञानिकों को सहयोग के लिए गए हैं।
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आपदाग्रस्त क्षेत्र में शवों की खाेज करते जवान - फोटो : twitter@itbp
बता दें कि सुरंग के अंदर जलभराव के बाद पंपिंग मशीन का उपयोग कर पानी निकाला जा रहा है। पानी भरने से अंदर दलदल बनने की भी आशंका जताई जा रही है। रैणी गांव के एक क्षेत्र में खोजबीन के लिए टीम रवाना हुई है। आपदा के बाद से अभी भी 146 लोग लापता हैं। जबकि 58 शव बरामद किए जा चुके हैं।  वहीं, चमोली डीएम स्वाति एस भदौरिया ने रेस्क्यू टीमों के साथ मौके का निरीक्षण कर लापता लोगों की अलग-अलग जगहों पर खोज करने के निर्देश दिए हैं। 
 
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