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चमोली आपदा: न खाने की सुध, न पानी पीने का होश, बस अपनों की तलाश में जुटे हैं लोग, तस्वीरें...

Wed, 10 Feb 2021 01:30 AM IST
अलका त्यागी प्रदीप भंडारी, अमर उजाला, तपोवन (चमोली)
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चमोली में आपदा के बाद अपनों की खोज में परिजन - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड की ऋषि गंगा की जल प्रलय के बाद अपनों की तलाश में पहुंचे परिजनों का तपोवन और रैणी गांव में जमघट लगा हुआ है। उन्हें न खाने की सुध, न पानी पीने का होश, वे किसी भी तरह से अपने परिजनों को ढूंढने में लगे हैं। बाहरी प्रदेशों से भी अपनों की खोज में लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है।
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चमोली में आपदा के बाद अपनों की खोज में परिजन - फोटो : अमर उजाला
प्रभावित क्षेत्र तपोवन औैर ऋषि गंगा परियोजना के आसपास जहां भी मलबे में शव मिलने की सूचना मिल रही है लोग बदहवास हालत में वहीं दौड़ रहे हैं। वे अपनों की एक झलक पाने को बेताब दिख रहे हैं, जिन लोगों के परिजन अभी भी सुरंग में फंसे हैं, वे तपोवन बाजार के समीप ही एक टीले में बैठकर दिनभर परियोजना सुरंग में रेस्क्यू टीमों को उम्मीद भरी नजरों से निहार रहे हैं। 
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चमोली में आपदा के बाद अपनों की खोज में परिजन - फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर के नक्कुड़ से रैणी गांव पहुंचे जाकिर, गुलजार औैर नसीम ने बताया कि उनके भाई रिजवान, माजिद औैर अब्दुल ऋषि गंगा परियोजना में कार्यरत थे। जल प्रलय के बाद से उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। वे दिनभर रैणी क्षेत्र में हाथ में अपने भाइयों की फोटो और नाम लिखे पर्चे को लेकर लोगों से पूछताछ कर रहे हैं। 

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आपदा के बाद अपनों की खोज में परिजन - फोटो : अमर उजाला
पोखरी ब्लॉक के मसौली गांव निवासी शिशुपाल भी अपने भाई सत्यपाल की तलाश में तीन दिनों से तपोवन में भटक रहा है, जिस टनल में टनों मलबा घुसा है सत्यपाल वहां बिजली फिटिंग का कार्य कर रहा था। शिशुपाल ने बताया कि सुरंग में फंसे 35 लोगों में सत्यपाल भी है। चमोली जिले के गाड़ी गांव निवासी सुरेंद्र गड़िया ने बताया कि अपनों की तलाश में परिजन भूखे-प्यासे तपोवन और रैणी में भटक रहे हैं।
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चमोली में आपदा - फोटो : अमर उजाला
धौलीगंगा और तपोवन परियोजना क्षेत्र में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन में लोग अपनों के मिलने की उम्मीद में बैठे हैं। वहीं अपनों की तलाश में परिजनों के आने का सिलसिला लगातार जारी है। जोशीमठ क्षेत्र के किमाणा गांव के धर्म सिंह सड़क किनारे एक पत्थर पर बैठे नदी को निहारते रहे। उन्होंने कहा कि उनका भतीजा इस आपदा में लापता हो गया है। उसी की तलाश में यहां पहुंचे हैं। 
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आपदा के बाद क्षेत्र में पहुंचे लोग - फोटो : अमर उजाला
चमोली जिले के ढाक गांव से आए रविंद्र थपलियाल का भाई राजेंद्र थपलियाल और चचेरा भाई अनूप थपलियाल भी लापता है। कई अन्य परिजन भी इसी तरह अपनों की खोज में सड़क किनारे बैठे मिले। उत्तर प्रदेश, बिहार सहित अन्य जगह से लोग परिजनों की तलाश में यहां पहुंच रहे हैं। हर कोई इसी तरह सड़क से ही रेस्क्यू टीम को निहारता नजर आया।
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