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चमोली आपदा: सुरंग से मलबा और पानी निकालकर ऐसे हो रही 'जिंदगी' की तलाश, अब तक 70 की मौत, तस्वीरें...

Mon, 22 Feb 2021 08:54 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ(चमोली)
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चमोली में राहत बचाव कार्य जारी - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के चमोली में ऋषिगंगा की आपदा के 16वें दिन एक मानव अंग और दो शव और मिले। टनल से एक मानव अंग, जबकि श्रीनगर और कीर्तिनगर से दो शव मिले। तीनों की शिनाख्त नहीं हो पाई है। वहीं तपोवन सुरंग और बैराज साइट से मलबा हटाने का काम जारी है। टनल से अभी तक 16 शव मिल चुके हैं। आपदा के बाद से लापता 204 लोगों में से अलग-अलग जगह से मानव अंग समेत कुल 70 शव मिले हैं जबकि 134 लोग अभी भी लापता हैं। सोमवार को भी तपोवन से लेकर रैणी क्षेत्र में लापता लोगों की तलाश जारी रही। सोमवार शाम करीब छह बजे बचाव कर्मियों को सुरंग के अंदर से एक मानव अंग मिला, जबकि एसडीआरएफ की टीम को एक शव श्रीनगर चौरास और एक शव कीर्तिनगर से मिला। शवों की पहचान हो गई है। वहीं तपोवन सुरंग से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है, जिससे रेस्क्यू में तेजी नहीं आ पा रही है। यहां जेसीबी की मदद से मलबा डंपर में भरकर निकाला जा रहा है। एनटीपीसी के मीडिया प्रभारी राजेंद्र सिंह जियाड़ा ने बताया कि सोमवार तक टनल से 174 मीटर मलबा हटाया जा चुका है। वहीं सुरंग के अंदर से आ रहे पानी को निकालने के लिए चार पंप मशीन लगा दी गई हैं, जिससे तेजी से पानी निकाला जा रहा है।
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चमोली में राहत बचाव कार्य जारी - फोटो : अमर उजाला
सुरंग से पूरी तरह से मलबा हटाने में कितना समय लगेगा कुछ कहा नहीं जा सकता। खुद प्रशासन भी अभी यह बताने की स्थिति में नहीं है कि अंदर कितना मलबा और हो सकता है। वहीं धौली नदी के पानी को बैराज साइट में आने से रोकने के लिए उसमें डंपरों से मिट्टी डाली जा रही है, जिससे बैराज में तलाश तेज की जा सके। कोतवाल कीर्तिनगर कमल मोहन भंडारी ने बताया कि एसडीआरएफ की टीम ने एक शव महर गांव के समीप श्रीनगर जल विद्युत परियोजना की झील से बाहर निकाला।
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चमोली में राहत बचाव कार्य जारी - फोटो : अमर उजाला
एक मृतक की उम्र करीब 25 से 30 वर्ष है। जबकि दूसरा शव परियोजना झील के चैनल न. दो से मिला है। मृतक की उम्र करीब 30 से 35 वर्ष के बीच है। शवों को 72 घंटे तक बेस अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। वहीं, तपोवन जल विद्युत परियोजना में फिर से निर्माण कार्य शुरू करने को लेकर पैनखंडा संघर्ष समिति ने आक्रोश जताया।

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तपोवन में रेस्क्यू के लिए लगी टीमें - फोटो : अमर उजाला
समिति का कहना है कि एक तरफ अभी लापता लोगों की तलाश की जा रही है वहीं दूसरी तरफ कंपनी ने काम शुरू कर दिया है। समिति ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। उन्होंने एनटीपीसी और ऋषिगंगा परियोजना में कार्यरत मजदूरों को जल्द खोजने और परियोजना को बंद करने की भी मांग की।
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तपोवन में रेस्क्यू के लिए लगी टीमें - फोटो : अमर उजाला
समिति का कहना है कि कंपनी आपदा के सही आंकड़े नहीं दे रही है। वहीं सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के बजाय फिर से काम शुरू कर दिया गया है। यह पूरी तरह से अमानवीय है। कहा कि ऋषिगंगा परियोजना के मालिक ने अभी तक वहां काम करने वाले मजदूरों की सूची तक जारी नहीं की है और न ही पीड़ित परिवारों को राहत राशि देने की बात कही है।
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तपोवन में रेस्क्यू के लिए लगी टीमें - फोटो : अमर उजाला
इसको लेकर संघर्ष समिति में शासन, प्रशासन और कंपनी के प्रति आक्रोश है। उन्होंने लापता लोगों की खोज में तेजी जाने और लापता लोगों को मृत घोषित कर मृत प्रमाणपत्र जारी करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में पैनखंडा संघर्ष समिति के संरक्षक भरत सिंह कुंवर, सुखदेव सिंह, अजित पाल रावत आदि शामिल रहे।
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