अंकिता हत्याकांड
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अब भी जानना चाहते हैं लोग वीआईपी कौन है...
दरअसल, इस मामले में एसआईटी ने गहनता से विवेचना करने का दावा किया। यही कारण था कि एसआईटी ने दो चार नहीं बल्कि केस मजबूत करने के लिए 100 गवाहों को बनाया। इनमें से बहुत से गवाहों के मजिस्ट्रेटी बयान भी कराए गए। इस पूरे कांड का केंद्र रहे वीआईपी का आज तक पता नहीं चला। पुलिस की जांच और कुछ गवाहों की गवाही यह भी कहती है कि रिजॉर्ट में आने वाले मेहमान जो स्पेशल सर्विस चाहते थे उन्हें वीआईपी कहा जाता था। लेकिन, लोगों के यह बात गले नहीं उतर रही कि मेहमान को ही वीआईपी कहा जाता है। एसआईटी का दावा यह भी था कि यहां आने वाले लोगों की लिस्ट चेक की गई तो उसमें भी किसी नामचीन व्यक्ति का नाम नहीं मिला। ऐसे में अब भी यह यक्ष प्रश्न ही है कि आखिर वीआईपी कौन था?