वाहन में बैठने के दौरान दीक्षा और अभिषेक की माता-पिता से हुई आखिरी बातचीत के बाद अगली सुबह परिजन घर में उनका इंतजार कर रहे थे, लेकिन दिन चढ़ने के साथ परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। जैसे ही सूचना मिली कि टिहरी के समीप कोई वाहन दुर्घटनाग्रस्त है, वे दौड़े-दौडे़ मीलों दूर दुर्घटनास्थल पर पहुंचे और झील के किनारे ताकते रहे। इधर, मोली गांव में दीक्षा के घर में मां और दादी का रो-रोकर बुरा हाल है।