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उत्तराखंड 108 गांव बर्फ से ढके, जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त, केदारनाथ में -11.2 डिग्री तक गिरा तापमान

Tue, 08 Jan 2019 09:42 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपेश्वर/जोशीमठ/रुद्रप्रयाग
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snowfall - फोटो : अमर उजाला
पहाड़ों में सोमवार को धूप खिली लेकिन बर्फ से ढके करीब 108 गांवों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। सड़क और पैदल मार्गों पर भी बर्फ जमने से जहां आवाजाही जोखिमभरी है। गंगोत्री व यमुनोत्री राजमार्ग के ऊंचाई वाले हिस्सों के साथ ही कई अन्य ऊंचाई वाली सड़कें बर्फ से अभी भी पटी हैं। सोमवार को धूप खिलने के बाद सड़क निर्माण एजेंसियों ने रास्तों से बर्फ हटाने का काम शुरू कर दिया। उधर, केदारनाथ मंदिर परिसर सहित पूरे क्षेत्र में चार फुट तक बर्फ जम गई है जिससे धाम के आसपास का तापमान -11.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। उत्तराखंड में चमोली और उत्तरकाशी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। करीब 108 गांव बर्फ के आगोश में हैं।
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पैदल रास्ते और सड़कों में बर्फ जमी होने से ग्रामीणों को आवाजाही में भी भारी दिक्कत उठानी पड़ रही है। पेयजल योजनाओं के स्रोत जम जाने से ग्रामीण प्राकृतिक जलस्रोतों से पीने का पानी ढोने को मजबूर हैं। खेतों में भी बर्फ जम जाने से पशुओं के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है। जिले में रविवार देर शाम से शुरू हुई बारिश और बर्फबारी सोमवार को सुबह सात बजे थमीं। हिम क्रीड़ा स्थली औली में बर्फबारी के बाद पर्यटकों का हुजूम उमड़ पड़ा। सोमवार को औली में करीब एक हजार पर्यटक बर्फ का लुत्फ उठाने के लिए पहुंचे।
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जोशीमठ-औली मोटर मार्ग पर कवांण बैंड से औली तक बर्फ जमी होने से छोटे वाहनों की आवाजाही मुश्किल से हो पाई। कई वाहन बर्फ में रपट रहे थे, जिससे कई पर्यटक अपने वाहन कवांण बैंड पर ही छोड़कर करीब तीन किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर औली के दीदार को पहुंचे। कुछ दिन पूर्व औली पहुंची जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को औली सड़क से बर्फ हटाने के लिए स्नो कटर मशीन लगाने के निर्देश दिए थे, लेकिन विभाग की ओर से बर्फ हटाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई, जिससे पर्यटकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सोमवार को औली में बर्फबारी के बाद खिली धूप में हिमवीरों (आईटीबीपी के जवान) ने स्कीइंग का प्रशिक्षण लिया। आईटीबीपी औली की केंद्रीय टीम के 25 हिमवीर इन दिनों गौरसों में स्कीइंग का प्रशिक्षण ले रहे थे। अब औली में करीब एक फीट तक बर्फ जम जाने के बाद हिमवीर औली में स्कीइंग का प्रशिक्षण ले रहे हैं। 

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केदारनाथ मंदिर परिसर सहित पूरे क्षेत्र में 3.5 से चार फीट तक बर्फ जमा है। सोमवार को सुबह से केदारनाथ सहित जनपद में मौसम सुहावना रहा। इस दौरान चटक धूप खिली रही, लेकिन शीतलहर का प्रकोप बना रहा। धाम में सुबह पांच बजे तापमान माइनस 11.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो इस सीजन में सबसे कम है। दिन चढ़ने और चटक धूप के कारण यहां दोपहर 12.30 बजे पारा 4.2 डिग्री तक जा पहुंचा, लेकिन दोपहर दो बजे बाद पुन: घने बादल छाने से मौसम खराब हो गया। यहां अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चटक धूप खिलने पर मजदूर बर्फ साफ कर आवाजाही के लिए रास्ते बनाने में जुटे रहे।  
 
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snowfall - फोटो : अमर उजाला
बर्फबारी के चलते कुंड-ऊखीमठ-चोपता-मंडल-गोपेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद पड़ा है। जखोली और ऊखीमठ ब्लाक के कई गांवों में बर्फबारी के बाद ग्रामीणों के रोजमर्रा के कार्यों में दिक्कतें हो रही हैं। कालीमठ घाटी के चौमासी, चिलौंड, जाल तल्ला व मल्ला सहित मद्महेश्वर घाटी के गौंडार के अलावा रांसी के ऊपरी तरफ, तोषी गांव में बर्फ पड़ी है। जखोली ब्लाक के चिरबटिया, पालाकुराली, धनकुराली, खलवा, उच्छना, महारपोखरी आदि गांव बर्फ से लकदक बने हुए हैं। ग्रामीणों को मवेशियों के लिए चारापत्ती जुटाने और पेयजल के लिए खासी दिक्कत हो रही है। दूसरी तरफ कुंड-ऊखीमठ-गोपेश्वर हाईवे भी दो से ढाई बर्फ बर्फ के कारण दुगलबिट्टा से आगे बंद पड़ा है। इससे चोपता पहुंच रहे पर्यटकों को कई किमी पैदल नापना पड़ रहा है।
 
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snowfall - फोटो : अमर उजाला
धुमाकोट में रविवार को क्षेत्र में जमकर बारिश हुई। ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात हुआ। बारिश और हिमपात से क्षेत्र में सर्दी का प्रकोप बढ़ गया है। मौसम की पहली बारिश और बर्फबारी से काश्तकारों के चेहरे खिल उठे। यह बारिश फसलों के लिए संजीवनी का काम करेगी। गत दो दिनों से बादल घिरने के बाद रविवार शाम को धुमाकोट क्षेत्र में झमाझम बारिश हुई। ऊंची चोटियों में बर्फबारी हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई। गुजडूगढ़ी, दीवागढ़ी सहित ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ। बारिश होने से किसानों को राहत मिली। जल स्रोतों के निरंतर कम होते जलस्तर में भी इस बारिश से सुधार हुआ। सहायक कृषि अधिकारी विनोद पटवाल का कहना है कि खेती, सब्जी व बागवानी के लिए यह बारिश लाभदायक होगी।  
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