मसूरी में चिंतन शिविर
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वहीं, अपर सचिव नागरिक उड्डयन सी रविशंकर ने बताया कि प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी तेजी से आगे बढ़ रही है। उत्तराखंड उन गिने चुने राज्यों में शामिल है, जहां लोग हेली सेवा का काफी ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके पीछे चारधाम यात्रा भी एक वजह है। हालांकि राज्य को ट्रेवल अनुभव के क्षेत्र में सुधार करने की आवश्यकता है। सचिव वित्त दिलीप जावलकर ने पब्लिक फाइनेंस पालिसी एंड मैनेजमेंट विषय पर प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने कहा कि राज्य को अपने वित्तीय संसाधनों को बढ़ाना होगा। वर्तमान में 50 प्रतिशत वैट और जीएसटी से राजस्व प्राप्त हो रहा है। जबकि 10 प्रतिशत स्टांप शुल्क से मिलता है। बाकी 40 प्रतिशत विभागों से प्राप्त होता है। विभागों को आय बढ़ाने की दिशा में ठोस काम करने की जरूरत है। उन्होंने खनन, आबकारी और वन विभाग को राजस्व के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया।