संविदा पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर पिछले कई दिन से देहरादून में धरना-प्रदर्शन कर रहे उपनलकर्मियों ने सीएम आवास कूच का प्रयास किया तो पुलिस उन्हें घसीट कर ले गई। सुभाष रोड पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, जहां उनके बीच जमकर नोकझोंक हुई।
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इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का मुक्की भी हुई। हंगामा कर रहे प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठियां भी फटकारनी पड़ी। बाद में प्रदर्शनकारी वहीं सड़क पर बैठ गए। देर शाम प्रदर्शनकारी धरनास्थल पर लौट गए। वहीं पुलिस ने इस मामले में महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष भावेश जगूड़ी और पार्षद अरुण खन्ना समेत सात सौ प्रदर्शनकारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
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सोमवार सुबह से ही प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से प्रदर्शनकारी धरनास्थल पर पहुंचने शुरू हो गए। यहां सभा करने के बाद दोपहर करीब दो बजे उन्होंने जुलूस की शक्ल में सीएम आवास कूच किया। प्रदर्शनकारियों की संख्या को देखते हुए बड़ी तादाद में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई।
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पुलिसकर्मियों ने सुभाष रोड पर सेंट जोजेफ्स एकेडमी गेट से पहले ही प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगाई थी, लेकिन प्रदर्शनकारी अभिषेक टावर चौक से ग्लोब चौक की ओर मुड़ने लगे। आनन फानन में पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। यहां करीब एक घंटे तक प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच जोर आजमाइश चलती रही।
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दोनों पक्षों में जमकर नोकझोंक और धक्का मुक्की भी हुई। कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस वालों को छकाते हुए ग्लोब चौक की तरफ जाने में कामयाब रहे। हालांकि पुलिसकर्मियों ने लाठियां फटकार अन्य प्रदर्शनकारियों को दौड़ा दिया। इस पर ग्लोब चौक की तरफ गए प्रदर्शनकारी भी लौट आए। इसके बाद उपनल कर्मचारी वहीं धरने पर बैठ गए।
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देर शाम प्रदर्शनकारी वापस धरनास्थल पर लौट गए। उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष भावेश जगूड़ी ने बताया कि पुलिस की पिटाई से मीनाक्षी और मोहिनी पाठक समेत कई उपनलकर्मी घायल हुए। दोनों उपनलकर्मियों का दून अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। प्रदर्शन करने वालों में दिवाकर रावल, संजय पाठक, ताजवीर नेगी, अंकित नेगी, मनमीत तड़ियाल, विजय राम खंकरियाल, अनिल रावत, संदीप भोटिया, राकेश जोशी, दिनेश रावत, दीपक चौहान, पिंकी राणा, रुचि बलूनी, लक्ष्मी समेत अन्य शामिल रहे। बैरिकेडिंग पर हंगामा शांत होने के बाद उपनल के नेता सभी कर्मचारियों को धरने पर बैठाने लगे। आसपास खड़े कर्मचारियों को भी बैठाया गया। इसी दौरान कुछ उपनल कर्मियों ने गफलत में ड्यूटी पर तैनात एसडीएम हरि गिरी को भी कर्मचारी समझकर धरने पर बैठाने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों के बताने पर उपनलकर्मियों ने उनसे माफी मांगी।
सोमवार को सीएम आवास कूच का प्रयास करने वाले उपनलकर्मियों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कराया है। अध्यक्ष भावेश जगूड़ी, पार्षद अरुण खन्ना, महेश भट्ट, टीसी ध्यानी, मोहिनी पाठक, मीनाक्षी चमोली समेत सात-आठ सौ प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बलवा, मारपीट, तोड़फोड़, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया है। एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि विवेचना के दौरान आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों पर लात घूंसों से वार किया। महिलाओं के पेट पर लात मारी। उनके कपड़े भी फाड़े। इस बर्बरता पर पुलिस और राज्य सरकार को जवाब देना होगा। आंदोलन को कुचलने और भटकाने का प्रयास किया जा रहा है।
- भावेश जगूड़ी, प्रदेश अध्यक्ष, उपनल कर्मचारी महासंघ