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शुरू हुई पवित्र चारधाम यात्रा, पढ़े क्यों सबसे पहले खुलते हैं गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट

Sun, 30 Apr 2017 08:34 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
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gangotri dham - फोटो : amar ujala
यदि चारधाम यात्रा का नियम देखा जाए तो इन चारों धाम की यात्रा की शुरुआत यमुनोत्री से होती है। यह शुरुआत यमुना के दर्शन से क्यों है यह जानना बेहद जरूरी है।
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gangotri dham
धर्मसम्मत दृष्टि से यदि यात्रा का नियम अंगीकृत किया जाय तो इन चारों धाम की यात्रा का शुभारंभ यमुनोत्री से किया जाता है। यह प्रारंभ यमुना के दर्शन से क्यों है यह जानना बेहद आवश्यक है।
 
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यमुनोत्री धाम - फोटो : AmarUjala
किंवदन्ति के अनुसार कहा जाता है कि यात्रा को बिना किसी बाधा के संपन्न करने के लिए और यमत्रास से मुक्ति पाने के लिए यात्रा का शुभारंभ यमुनोत्री से किया जाता है। 
 

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yamunotri dham - फोटो : AmarUjala
यदि ज्योतिष पक्ष से भी देखा जाय तो यात्रा में शनि का महत्वपूर्ण स्थान है जानकी चट्टी के पास ही शनि देवता का प्राचीन मन्दिर है जिस के दर्शन के बाद चारों धाम की यात्रा निर्विध्नता से संपन्न होने की मान्यता है वैसे भी यमुना सूर्यपुत्र शनि की बहिन है।
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यमुनोत्री धाम - फोटो : AmarUjala
यात्रा को आनंदमय एवं निर्विध्न संपन्न करने के लिए शायद चारों धाम की यात्रा का क्रम निर्धारण यमुनोत्री गंगोत्री केदारनाथ एवं बद्रीनाथ रखा गया है। द्वितीय क्रम मे गंगोत्री धाम की यात्रा का महत्व शायद इस लिए रखा गया है कि देव पूजा मे गंगा जल का विशेष महत्व है गंगाजल सभी देवों को प्रिय है भगवान भोलेनाथ ने तो गंगा को अपने शिर पर धारण कर गंगा को सर्वोपरि स्थान दिया है।
 
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बद्रीनाथ
गंगा स्नान के बाद शरीर की शुद्धि के साथ ग़ंगाजल लेकर केदार बाबा का अभिषेक करने से संपूर्ण मनोकामना होती है। केदारनाथ का स्थान हिमालय के ज्योतिर्लिंग के रुप मे है। इसके बाद अन्तिम यात्रा के रुप मे सृष्टि के पालक भगवान बद्रीनाथ की यात्रा का महत्व है।
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