हिमालय की बर्फिली वादियों में स्थित सिखो के पवत्रि धाम हेमकुंड साहिब के बारे में तो हर कोई जानता है। लेकिन हेमकुंड साहिब से जुड़े भगवान लक्ष्मण के जीवन का एक सच बहुत ही कम लोग जानते हैं।
विज्ञापन
2 of 6
तो चलिए हम आपको बताते हैं इस सच के बारे में। हेमकुंड साहिब आने वाले श्रद्घालु जितने उत्सुक यहां आने के लिए उत्सुक रहते हैं उतने ही उत्सुक इस मंदिर में आने के लिए भी रहते हैं।
विज्ञापन
3 of 6
हेमकुंड साहिब स्थित लक्ष्मण मंदिर के कपाट भी अब भक्तों के लिए खुल गए हैं। ऐसे में अगर आप यहां आएं तो इस मंदिर में जाना न भूलें। इस मंदिर को लक्ष्मण लोकपाल मंदिर भी कहते हैं।
4 of 6
पौराणिक मान्यता के अनुसार लक्ष्मण मंदिर हेमकुंड झील के तट पर बना है। एक अन्य मान्यता के अनुसार यह मंदिर ठीक उसी जगह पर है जहां लक्ष्मण ने रावण के बेटे मेघनाद को मारने के बाद अपनी शक्ति वापस पाने के लिए तप किया था।
विज्ञापन
5 of 6
वहीं एक अन्य मान्यता के अनुसार इस मंदिर में शेषनाग ने तपस्या की थी। जो द्वापर युग में राजा दशरथ के यहां लक्ष्मण के रूप में जन्मे थे।