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हजारों भक्तों की मौजूदगी में शीतकाल के लिए बंद हुए बदरीनाथ धाम के कपाट

Thu, 17 Nov 2016 09:25 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, बदरीनाथ
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बदरीनाथ धाम - फोटो : AmarUjala
श्रीबदरीनाथ धाम के कपाट बुधवार को अपराह्न तीन बजकर 45 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इस दौरान भगवान बदरीविशाल के दर्शनों के लिए करीब 1500 तीर्थयात्री धाम में मौजूद रहे।
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बदरीनाथ धाम - फोटो : amar ujala
मंगलवार को धाम में रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी ने माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना संपन्न की। बुधवार को भोग के लिए मंदिर के कपाट बंद नहीं हुई। दिल्ली के एक श्रद्धालु ने बदरीनाथ मंदिर को करीब बीस कुंतल गेंदे के फूलों से सजाया है। 
 
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badrinath
कपाट बंद करने से पहले मां लक्ष्मी की सखी के रुप में रावल ने स्त्री वेश धारण कर मां लक्ष्मी की मूर्ति को बदरीनाथ मंदिर के गर्भगृह में रखा। इससे पूर्व गर्भगृह से भगवान उद्धव, कुबेर व गरुड़ की उत्सव मूर्तियों को चांदी की डोली में रखा जाता है।

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बदरीनाथ धाम - फोटो : AmarUjala
इस दौरान धृत लेप कंबल को भगवान बदरीनाथ और मां लक्ष्मी को ओड़ाया गया। इसी के साथ कपाट बंद कर दिए गए। 
 
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badrinath dham - फोटो : amar ujala
कपाट बंद करने की प्रक्रियाः रात्रि 2.30 बजे---बदरीनाथ जी का अभिषेक और फूलों से श्रृंगार। प्रात: 3.00 बजे--बदरीनाथ जी की पूजाएं शुरु। सुबह 3.15 बजे--आम श्रद्धालुओं द्वारा बदरीनाथ जी के दर्शन। पूर्वाह्न 11.00 बजे--धर्माधिकारी व वेदपाठियों द्वारा स्वस्ति वाचन। दोपहर 02.00-मुख्य पुजारी रावल स्त्री वेश धारण कर मां लक्ष्मी को गर्भगृह में रखा। अपराह्न 03.30- बदरीनाथ जी के कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरु। अपराह्न 3.45 बजे-बदरीनाथ जी के कपाट शीतकाल के लिए बंद।
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प्रसाद ऑनलाइन बिक्री - फोटो : file photo
चारधाम यात्रा में आने वाले श्रृद्धालुओं के मन से आपदा का भय लगातार दूर हो रहा है। इसकी बानगी इस वर्ष आने वालों को आंकड़े से मिलती है, जो वर्ष 2014 के मुकाबले चार गुने से भी ज्यादा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2014 के 3.33 लाख श्रृद्धालुओं के मुकाबले यह संख्या इस साल बढ़कर 15 लाख हो चुकी है। बुधवार को बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होते के साथ इस साल की यात्रा समाप्त हो जाएगा।
 
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badrinath dham
जून 2013 में केदारनाथ में आई आपदा के बाद चारधाम की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई। आलम यह था कि वर्ष 2013 में जहां 11.88 लाख श्रृद्धालु आए, वे 2014 में घटकर मात्र 3.33 लाख रह गए। हालांकि इसके बाद से स्थिति सुधरने लगी।
 
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badrinath dham
2015 में चारधाम की यात्रा में इजाफा हुआ और आंकड़ा 8.72 लाख के स्तर पर पहुंच गया, जबकि इस साल 2016 में चारधाम की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 15 लाख के पार हो गई। आंकड़ों से साफ जाहिर होता है कि चारधाम की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के दिलो-दिमाग से आपदा का खौफ धीरे-धीरे दूर हो रहा है।
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