हरीश रावत
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बजट को लेकर पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि लगता है प्रधानमंत्री के पास युवाओं के लिए कोई शब्द नहीं है। बेरोजगारी को हल करने के लिए कोई बात नहीं की गई, युवाओं के भविष्य के लिए कोई रोडमैप नहीं है। सोशल और एजुकेशन के क्षेत्र में बहुत माइनर वृद्धि है। सोशल सेक्टर को अनदेखा किया गया है। तो ऐसे बजट को केवल चंद शब्दों का बजट कहा जा सकता है। जिससे देश की किसी समस्या का कोई समाधान नहीं होगा।