चुनावी साल से पहले मोदी सरकार के अंतिम बजट में जनता को कई तोहफों की आस है। उत्तराखंड गठन के 17 साल बीत जाने के बाद भी उत्तराखंड में विस्तारीकरण के नाम पर रेल लाइन एक इंच भी आगे नहीं बढ़ी है। अब राज्य को केंद्रीय बजट से रेल लाइनों के विस्तारीकरण के साथ ही नई रेल सेवा शुरू करने की उम्मीद है। ताकि उत्तराखंड में रेल कनेक्टिविटी बढ़ने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। 17 साल पहले अस्तित्व में आए उत्तराखंड राज्य किशोरावस्था में पहुंच गया है। लेकिन इस अंतराल में राज्य में रेल विस्तारीकरण के नाम पर कुछ नहीं हुआ है।
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हरिद्वार एक्सप्रेस
देहरादून से हरिद्वार तक रेल लाइन डबल नहीं हो पाई। जिस वजह से देहरादून से ट्रेनों की संख्या नहीं बढ़ सकी। साथ ही कुमाऊं को राजधानी से जोड़ने के लिए एक मात्र काठगोदाम एक्सप्रेस है। सीधी रेल सेवा न होने से गोरखपुर से आने वाली लिंक एक्सप्रेस को ही काठगोदाम के लिए चलाया जाता है। यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। केंद्रीय बजट से पहले केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत राज्य की उम्मीदों से अवगत करा चुके हैं।
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train shimla
प्रस्तावित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन उत्तराखंड की लाइफ लाइन बनेगी। करीब 16216 करोड़ की लागत की यह रेल लाइन परियोजना सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। साथ ही रेल लाइन के बनने से राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। जिससे लोगों की आर्थिकी मजबूत होगी। इसी साल से परियोजना का काम शुरू होना है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है।
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Budget 2018-19 Parliament session
पूर्वांचल जन संघर्ष समिति के अध्यक्ष देवनाथ, संरक्षक महेश पांडे, संयोजक सत्येंद्र कुमार सिंह का कहना है कि केंद्रीय बजट में पूर्वांचल वासियों को सीधी रेल सेवा की सुविधा मिलने की पूरी उम्मीद है। उत्तराखंड में पूर्वांचल के ढाई से तीन लाख लोग रहते हैं। वर्ष 2011 से लगातार सीधी रेल सेवा के लिए गोरखपुर एक्सप्रेस को प्रतिदिन करने के साथ ही मऊ स्टेशन तक चलाने की मांग कर रहे हैं। समिति की इस मांग पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने केंद्रीय रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा को पत्र भेज कर कार्रवाई का आग्रह किया है। उम्मीद है कि आगामी बजट में पूर्वांचल वासियों की उम्मीद पूरी होगी।
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डेमो
- फोटो : डेमो
बजट से ये है उम्मीदें
-बागेश्वर-टनकपुर रेल लाइन का काम शुरू करने
-हरिद्वार से दिल्ली के लिए गंगा एक्सप्रेस चलाने
-जिम कार्बेट रामनगर से दिल्ली के लिए नई ट्रेन शुरू करने
-हर्रावाला स्टेशन के विस्तारीकरण की योजना
-देहरादून से हरिद्वार के बीच डबल रेल लाइन
-पूर्वांचल के लिए सीधी रेल सेवा की सुविधा
-हरिद्वार-रुड़की-देवबंद- मुजफ्फरनगर रेल लाइन के कार्य को पूरा करने के बजट
-ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन को राष्ट्रीय प्रोजेक्ट घोषित करने
-गोरखपुर राप्ती गंगा एक्सप्रेस को नियमित चलाने व रूट का विस्तार
काशीपुर, रामनगर, काठगोदाम व हल्द्वानी रेलवे स्टेशन नार्थ ईस्ट जोन में है। जबकि बाकी सारे नार्दन जोन में है। मेरा सुझाव है उत्तराखंड के सारे स्टेशन नार्दन जोन में शामिल किए जाने चाहिए। ताकि नई ट्रेन चलाने में कोई दिक्कत पेश न आए। इसके अलावा जिम कार्बेट शताब्दी व योगा शताब्दी जैसी ट्रेन चलें। तो इससे उत्तराखंड को खास लाभ होगा। रेलवे में खान पान व्यवस्था और सुधरने की मैं इस बजट में अपेक्षा कर रहा हूं। रेल में डायबिटिक फूड भी परोसा जाना चाहिए। - सतपाल महाराज, प्रदेश कैबिनेट मंत्री एवं पूर्व केंद्रीय रेल राज्य मंत्री