मंजिलें उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता है हौसलों से उड़ान होती है। इस कहावत को चरितार्थ किया है उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा के टॉपर छात्र गौरव सकलानी ने। साधारण परिवार के इस होनहार छात्र ने साबित कर दिया कि सफलता किसी की मोहताज नहीं होती है। उसके पिता कीर्तिदत्त सकलानी स्वजल परियोजना में चतुर्थश्रेणी के पद पर कार्यरत हैं और मां रीना देवी गृहणी है।