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एक महीने में इन दो घटनाओं से दहला हरिद्वार, मां ने बेटे तो बहन ने भाई संग की क्रूरता की हद पार

Thu, 05 Dec 2019 10:02 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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इसी तरह बैग में भरकर बच्चों को ले गई मां और बहन - फोटो : अमर उजाला
बीते एक महीने के अंदर तीर्थनगरी हरिद्वार में दो ऐसी घटनाएं सामने आईं जिन्होंने हर किसी को अंदर तक झकझोरकर रख दिया। पहले केस में मां ने अपने ही छह महीने के बेटे को बैग में डालकर गंगा में बहा दिया, तो हाल ही में हुए दूसरे केस में एक बहन ने अपने दो साल के भाई को पहली घटना की तरह ही बैग में डालकर गंगा में बहा दिया। उनके ऐसा करने के पीछे वजह भी ऐसी कि यकीन करना मुश्किल हो जाए। दोनों ही बच्चों के शव अभी तक नहीं मिल पाए हैं। 
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- फोटो : फाइल फोटो
पांच नवंबर को हरिद्वार के कनखल में बेटे की परवरिश करने में असमर्थ मां ने गंगा में डूबाकर उसकी हत्या कर दी थी। क्षेत्र के सरला सदन (सर्वप्रिय विहार) निवासी हीरो मोटो कोर्प में कार्यरत दीपक बलूनी का छह माह का बेटा अंश तीन नवंबर की शाम को घर से गायब हो गया था। मां संगीता ने पुलिस को जानकारी दी थी कि वह पास में ही डेयरी पर दूध लेने गई थी, जब वापस लौटी थी तो बेटा गायब था। पुलिस ने चंद घंटों में ही मामले से पर्दा उठाते हुए मां को गिरफ्तार किया था। 
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- फोटो : फाइल फोटो
सामने आया था कि बेटे के रोने की आदत और बार बार स्तनपान करने से आजिज आकर मां ने ही गंगा में डूबाकर उसकी हत्या कर दी थी और शव बहा दिया था। सीसीटीवी फुटेज में काले रंग के बैग में बेटे को ले जाते हुए मां कैद हो गई थी। पुलिस ने आरोपी मां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बेटे को खो चुके परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। पीड़ित बाप का भी रो रोकर बुरा हाल है।

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- फोटो : फाइल फोटो
वहीं, बीती 29 नवंबर से ज्वालापुर क्षेत्र से गायब दो साल के मासूम के प्रकरण में दिल दहला देने वाला खुलासा हुआ। परवरिश और परिवार में कम तवज्जो दिया जाना इतना अखरा कि सगी नाबालिग बड़ी बहन ने ही मासूम को गंगनहर में फेंक दिया। इससे पहले उसने दूध में नींद की गोलियां मिलाकर भी उसे मारने की कोशिश की थी। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से ज्वालापुर पुलिस ने मामले का खुलासा किया।
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- फोटो : फाइल फोटो
नाबालिग की 12 साल की चचेरी बहन भी इस वारदात में शामिल थी। दोनों बहनों ने सुबह के वक्त माता पिता के पास सो रहे भाई को उठा लिया और उसे कपड़े के थैले में डालकर घर से निकल गईं। एक बहन साइकिल पर सवार थी तो दूसरी हाथ में बैग लेकर पैदल-पैदल चल रही थी। रेलवे के लाल पुल के पास पहुंचकर उन्होंने बैग के साथ ही भाई को भी गंगनहर में फेंक दिया था।
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- फोटो : फाइल फोटो
पांच नवबंर को हुई घटना के बाद एक व्यक्ति ने बच्चे का गंगा में पोल के पास अटका हुआ शव देखा था, उसकी फोटो भी खींची और पुलिस को भेजी। लेकिन जब तक पुलिस वहां गई तो वह बह चुका था। वहीं, हाल ही की घटना के बाद जल पुलिस दिन भर गंगनहर में सर्च ऑपरेशन चलाती रही। नहर के साथ ही उसके किनारे भी खंगाले गए, लेकिन जल पुलिस के हाथ कोई भी कामयाबी नहीं लगी। ज्वालापुर पुलिस ने भी अपने स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन मासूम का कुछ पता नहीं चला।
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