ऑपरेशन सिलक्यारा की सफलता के बाद केंद्र और राज्य सरकार ने राहत की सांस ली है। लेकिन सिलक्यारा सुरंग में 17 दिन तक फंसी 41 जिंदगियों को बचाने का यह अभियान दोनों सरकारों को सबक भी सिखा गया है। विशेष रूप से आपदाओं का अक्सर सामना करने वाले उत्तराखंड राज्य के लिए यह घटना कायदे से सबक सीखने वाली है।
इस घटना ने बताया कि हमें भी सुरंगों के निर्माण के विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स और माइनर सुरंग एक्सपर्ट क्रिस कूपर सरीखे विशेषज्ञ तैयार करने होंगे। उत्तराखंड सरकार देश का पहला आपदा प्रबंधन मंत्रालय खोलने का श्रेय तो लेती है, लेकिन कई वर्ष बाद भी विशेषज्ञता, तकनीक और दक्ष मानव संसाधन के मामले में उतनी प्रगति नहीं हो पाई है।
इस हादसे ने राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग की तैयारियों की कलई भी खोली है। हादसे के बाद आपदा प्रबंधन विभाग इस पूरे अभियान में एक सहयोगी की भूमिका से आगे नहीं बढ़ पाया। केंद्र और उसकी एजेंसियों को ही मोर्चा संभालना पड़ा। नया राज्य होने के कारण अभी उत्तराखंड में हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का निर्माण होना हैं।