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भगवान गणेश की पूजा में तुलसी का प्रयोग है वर्जित, जानिए इसके पीछे का रहस्य...

Mon, 28 Aug 2017 08:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लक्सर
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गणेश - फोटो : ANI
भगवान गणेश की पूजा में तुलसी का प्रयोग वर्जित है। इसके पीछे तुलसी का भगवान गणेश को दिया गया श्राप है। जानिए, पूरा रहस्य...
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गणेश
गणेश जी के पूजन में तुलसी का प्रयोग वर्जित है। हरिद्वार के पंडित अरविंद शर्मा एवं राजेश शर्मा के मुताबिक पौराणिक कथानुसार एक बार गणेश जी गंगा किनारे तप कर रहे थे। इसी दौरान धर्मात्मज की नवयौवना तुलसी ने विवाह की इच्छा लेकर तीर्थ यात्रा पर प्रस्थान किया।
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ganesh - फोटो : अमर उजाला
भ्रमण करते हुए तुलसी गंगा के तट पर पंहुची। उन्होंने तरुण गणेश जी को तपस्या में लीन देखा और उनपर मोहित हो गईं।विवाह की इच्छा से तुलसी ने उनका ध्यान भंग कर दिया। तुलसी की मंशा जानकर गणेश जी ने तप भंग करने को अशुभ बताया और स्वयं को ब्रह्मचारी बताकर तुलसी के विवाह के प्रस्ताव को नकार दिया।

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tulsi
गणेश जी के इंकार से तुलसी बहुत दुखी हुईं और आवेश में आकर उन्होंने गणेश जी को दो विवाह का शाप दे दिया। उधर गणेश जी ने भी तुलसी को शाप दे दिया कि उसका विवाह एक असुर से होगा।
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तुलसी व‌िवाह
एक राक्षस की पत्नी होने का शाप सुनकर तुलसी ने गणेश जी से माफी मांगी। तब श्री गणेश ने कहा कि तुम्हारा विवाह शंखचूड़ राक्षस से होगा। किंतु फिर तुम भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण को प्रिय होने के साथ ही कलयुग में जगत के लिए जीवन और मोक्ष देने वाली होगी। पर मेरी पूजा में तुलसी चढ़ाना शुभ नहीं माना जाएगा। तब से भगवान श्री गणेश जी की पूजा में तुलसी का प्रयोग नहीं किया जाता है।
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